Deccan Gold Mines ने खुद को एक एक्सप्लोरेशन कंपनी से बदलकर पूरी तरह से प्रोडक्शन-बेस्ड माइनिंग कंपनी में बदल लिया है। भारत और किर्गिस्तान में खदानें शुरू होने के बाद कंपनी ने **2029** तक सालाना **1 टन** से ज्यादा सोना निकालने का लक्ष्य रखा है।
प्रोडक्शन में धमाकेदार शुरुआत
कंपनी ने अपने कारोबार का दायरा बदलते हुए अब कमर्शियल माइनिंग पर फोकस कर दिया है। Jonnagiri गोल्ड माइन (भारत) और Altyn Tor (किर्गिस्तान) के शुरू होने से कंपनी की कमाई के नए रास्ते खुल गए हैं। Q1 FY27 में Jonnagiri माइन ने 112.7 किलो 'डोरे' (doré) का उत्पादन किया है, जिसमें से 59 किलो रिफाइंड गोल्ड की बिक्री भी हो चुकी है। कंपनी का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 700 किलो सालाना तक ले जाने का है।
मिनरल्स सेक्टर में एंट्री
सिर्फ सोने तक सीमित न रहते हुए, कंपनी अब ईवी (EV) और एनर्जी सेक्टर की बढ़ती मांग को देखते हुए क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम, टैंटलम और निकल के बिजनेस में भी उतर रही है। यह कदम न केवल कंपनी के पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करता है, बल्कि रिस्क को भी कम करता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
सब कुछ अच्छा होने के बावजूद, कानूनी पेंच अभी भी बरकरार हैं। कर्नाटक स्थित Ganajur Gold Project अभी भी हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसके अलावा, 2029 के बड़े टारगेट को हासिल करने के लिए लगातार रेगुलेटरी मंजूरी और नए ड्रिलिंग रिजल्ट्स का आना बेहद जरूरी है। फिलहाल, अक्टूबर में आने वाले मोजाम्बिक (Mozambique) के ड्रिलिंग नतीजों पर बाजार की नजरें टिकी हैं।
