Dalmia Industrial Development: घाटे में डूबी कंपनी, गंभीर नियमों के उल्लंघन से निवेशक परेशान

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AuthorAditya Rao|Published at:
Dalmia Industrial Development: घाटे में डूबी कंपनी, गंभीर नियमों के उल्लंघन से निवेशक परेशान

Dalmia Industrial Development Ltd के लिए FY26 काफी खराब रहा। कंपनी को **₹12.85 लाख** का नेट लॉस हुआ है। साथ ही, ऑडिट रिपोर्ट में अहम सरकारी दस्तावेजों की कमी और अनुपालन में चूक उजागर हुई है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में गिरावट

कंपनी के लिए पिछला साल आर्थिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। जहां पिछले साल कंपनी मुनाफे में थी, वहीं इस बार इसे ₹12.85 लाख का नेट लॉस हुआ है। कंपनी का टोटल रेवेन्यू भी गिरकर ₹71.11 लाख पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह ₹130.70 लाख था। ऑपरेशनल रेवेन्यू भी घटकर ₹67.09 लाख रह गया है, जो कंपनी की कमजोर स्थिति को दर्शाता है।

गवर्नेंस और अनुपालन में चूक

आर्थिक नतीजों से ज्यादा चिंता सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट ने बढ़ाई है। ऑडिट में पाया गया कि बोर्ड और कमिटी मीटिंग्स के मिनट बुक्स जैसे जरूरी वैधानिक रिकॉर्ड्स उपलब्ध ही नहीं थे। इसके अलावा, वेबसाइट पर डिस्क्लोजर और BSE के स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस (SDD) नियमों के पालन में भी कंपनी फिसड्डी साबित हुई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कंपनी ने कानून के मुताबिक 'इंटरनल ऑडिटर' तक की नियुक्ति नहीं की थी।

AGM और भविष्य की राह

कंपनी की 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को तय है। इसमें नए सेक्रेटेरियल ऑडिटर की नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। साथ ही, कंपनी ने एक विवादित प्रस्ताव भी रखा है, जिसमें मुनाफे न होने पर भी मैनेजरियल सैलरी में ₹3 करोड़ तक के कमीशन भुगतान का सुझाव दिया गया है। कंपनी ने FY26 के लिए कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया है, क्योंकि मैनेजमेंट फंड्स को बिजनेस में ही इस्तेमाल करना चाहता है। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इन ऑडिट आपत्तियों को कैसे सुलझाती है और अपनी वित्तीय स्थिति को कैसे सुधारती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.