Dalmia Bharat की सब्सिडियरी Bhilai Jaypee Cement के एसेट्स खरीदेगी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Dalmia Bharat की सब्सिडियरी Bhilai Jaypee Cement के एसेट्स खरीदेगी

Dalmia Bharat की सब्सिडियरी Dalmia Cement (Bharat) Ltd को Bhilai Jaypee Cement Ltd के एसेट्स खरीदने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिला है। इस डील से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी।

Detailed Coverage

Dalmia Bharat Bhilai Jaypee Cement एसेट्स का अधिग्रहण करेगी

Dalmia Bharat की सब्सिडियरी Dalmia Cement (Bharat) Limited को Bhilai Jaypee Cement Limited (BJCL) के लिए Successful Resolution Applicant चुना गया है। उन्हें Resolution Professional से लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिल गया है।

क्या हुआ?

Dalmia Cement (Bharat) Limited (DCBL), जो Dalmia Bharat Limited की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है, को Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) के जरिए Bhilai Jaypee Cement Limited (BJCL) के एसेट्स का अधिग्रहण करने के लिए चुना गया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

इस अधिग्रहण से Dalmia Bharat की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ेगी। छत्तीसगढ़ के भिलाई में 2.2 MnTPA की ग्राइंडिंग यूनिट और मध्य प्रदेश के बबुपुर में 1.1 MnTPA की क्लिंकर यूनिट इसमें शामिल होंगी। यह सीमेंट सेक्टर में कंपनी की इनऑर्गेनिक ग्रोथ स्ट्रेटेजी को सपोर्ट करेगा।

पृष्ठभूमि

Dalmia Bharat इनऑर्गेनिक रूट्स के जरिए विस्तार कर रही है। BJCL एसेट्स का अधिग्रहण Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 के तहत आता है। इसका मकसद डिस्ट्रेस्ड एसेट्स को अपने ऑपरेशनल नेटवर्क में इंटीग्रेट करना है।

अब क्या बदलेगा?

सफल समापन और रेगुलेटरी अप्रूवल के बाद, अधिग्रहित ग्राइंडिंग और क्लिंकर यूनिट्स को Dalmia Bharat के ऑपरेशन्स में इंटीग्रेट किया जाएगा, जिससे कंपनी की कुल सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटी बढ़ेगी।

जोखिम

इस ट्रांजेक्शन का फाइनल होना National Company Law Tribunal (NCLT), Cuttack द्वारा रेजोल्यूशन प्लान के अप्रूवल और अन्य जरूरी रेगुलेटरी क्लियरेंस पर निर्भर करता है। इसमें देरी या रिजेक्शन का जोखिम है।

पीयर कंपैरिजन

यह कदम इंडस्ट्री के ट्रेंड्स के अनुरूप है, जहाँ बड़े सीमेंट प्लेयर्स मार्केट शेयर और ऑपरेशनल एफिशिएंसी हासिल करने के लिए, खासकर डिस्ट्रेस्ड एसेट्स के अधिग्रहण के जरिए, अपनी कैपेसिटी बढ़ा रहे हैं।

कॉन्टेक्स्ट मेट्रिक्स (समय-आधारित)

इस अधिग्रहण में 2.2 MnTPA की ग्राइंडिंग यूनिट और 1.1 MnTPA की क्लिंकर यूनिट शामिल हैं।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को NCLT अप्रूवल प्रोसेस और ट्रांजेक्शन के पूरा होने की टाइमलाइन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.