Dalmia Bharat ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को **₹205 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जिसकी मुख्य वजह एसेट इंपेयरमेंट जैसे वन-टाइम खर्चे रहे। हालांकि, इन नतीजों के बीच बोर्ड ने निवेशकों के लिए **₹4** प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी के नतीजों पर नजर डालें तो सितंबर तिमाही में कंपनी को ₹205 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ₹239 करोड़ के मुनाफे में थी। इस गिरावट के पीछे ₹339 करोड़ के एक्सेप्शनल चार्जेज जिम्मेदार हैं। इसमें ₹282 करोड़ का इंपेयरमेंट चार्ज (कैप्टिव पावर प्लांट और ब्रांड डिस्कंटिन्यूएशन) और ₹57 करोड़ का एम्प्लॉई सेपरेशन स्कीम का खर्च शामिल है। राहत की बात यह है कि कंपनी का रेवेन्यू ₹3,417 करोड़ से बढ़कर ₹3,563 करोड़ तक पहुंच गया है।
क्यों घबराने की जरूरत नहीं?
यह घाटा मुख्य रूप से स्ट्रैटेजिक बदलावों और रिन्यूएबल एनर्जी की ओर शिफ्ट होने के कारण हुआ है, जो एक वन-टाइम अकाउंटिंग इम्पैक्ट है। कंपनी ने ₹279 करोड़ की बड़ी लायबिलिटी (MBLT) से भी छुटकारा पा लिया है। साथ ही, बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स का भरोसा बनाए रखते हुए ₹4 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 30 अक्टूबर, 2026 तय की गई है।
नई खरीदारी और विस्तार
Dalmia Cement (Bharat) Limited ने Jaiprakash Associates और Adani Infra से ₹2,850 करोड़ में सीमेंट एसेट्स का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इससे कंपनी की सीमेंट क्षमता में 5.2 MnTPA और क्लिंकर क्षमता में 3.3 MnTPA का इजाफा हुआ है, जिससे उत्तर और मध्य भारत में कंपनी की पकड़ और मजबूत होगी।
आगे क्या?
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि नई एक्वायर्ड क्षमता से कंपनी का टॉप-लाइन ग्रोथ और कैश फ्लो कितनी तेजी से सुधरता है। रिन्यूएबल एनर्जी की ओर शिफ्ट होने से पावर कॉस्ट पर क्या असर पड़ता है, यह देखना भी आने वाली तिमाहियों में महत्वपूर्ण होगा।
