DRA Consultants ने सितंबर, 2026 में समाप्त छमाही के लिए नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **21.1%** बढ़कर **₹1.17 करोड़** हो गया है, जबकि कुल रेवेन्यू **23.9%** की बढ़ोतरी के साथ **₹11.86 करोड़** पर पहुंच गया है।
मुनाफे की रफ्तार और रेवेन्यू का गणित
कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में शानदार टॉप-लाइन ग्रोथ दिखाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.17 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹0.96 करोड़ था। इसके साथ ही, बेसिक EPS (अर्निंग पर शेयर) भी ₹0.88 से बढ़कर ₹1.07 पर पहुंच गया है, जो कंपनी की बेहतर कमाई क्षमता को दर्शाता है।
क्यों है चिंता की बात? (Key Concern)
मजबूत नतीजों के बीच एक बड़ा 'रेड फ्लैग' भी सामने आया है। कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेगेटिव होकर ₹2.86 करोड़ पर आ गया है। इसका मुख्य कारण क्लाइंट्स से मिलने वाले पेमेंट में देरी और बढ़ते ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) हैं। यह संकेत है कि कंपनी के पास कैश की कमी हो सकती है।
ऑपरेशंस और एसेट बेस
कंपनी के खर्चों की बात करें, तो एम्प्लॉई बेनिफिट खर्च ₹3.48 करोड़ से बढ़कर ₹4.02 करोड़ हो गया है। कंपनी के पास अभी ₹25.92 करोड़ का रिजर्व और सरप्लस मौजूद है। हालांकि, कुल एसेट बेस में मामूली गिरावट देखी गई है, जो इस छमाही में ₹40.20 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर के अंत में यह ₹41.33 करोड़ था।
आगे क्या देखें?
निवेशकों के लिए अब यह जानना जरूरी है कि कंपनी वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट को कैसे सुधारेगी। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि ट्रेड रिसीवेबल्स का कैश में कन्वर्जन कैसा होता है, क्योंकि यही कंपनी की भविष्य की लिक्विडिटी तय करेगा।
