DIC India के सितंबर 2026 तिमाही के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद, बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹1.99 करोड़** रह गया है, जबकि पिछली तिमाही में यह **₹14.27 करोड़** था।
मुनाफे पर क्यों लगा ग्रहण?
कंपनी ने सितंबर तिमाही में ऑपरेशन्स से ₹274.02 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹223.17 करोड़ के मुकाबले बेहतर है। लेकिन, अच्छी सेल के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.99 करोड़ पर सिमट गया, जो पिछली तिमाही के ₹14.27 करोड़ और पिछले साल के ₹5.87 करोड़ से काफी कम है। इसकी मुख्य वजह कंपनी के कुल खर्चों का बढ़कर ₹272.94 करोड़ पहुंच जाना है, जिसने मार्जिन को पूरी तरह निचोड़ दिया है।
बोर्ड में बड़ा फेरबदल
3 नवंबर, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में कंपनी ने लीडरशिप में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। Tony Sirohi और Shalini Kapoor को एडिशनल नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर Prabal Sarkar और Pritha Dutt ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 5 नवंबर, 2026 से प्रभावी हो गया है। कंपनी के मुताबिक इन इस्तीफों के पीछे कोई भी 'मटेरियल रीजन' नहीं है।
आगे क्या?
रेवेन्यू में ग्रोथ होने के बावजूद प्रॉफिट का घटना ऑपरेशनल चुनौतियों की ओर इशारा करता है। निवेशकों के लिए अब सबसे जरूरी यह देखना होगा कि कंपनी मैनेजमेंट बढ़ती लागत को कैसे कंट्रोल करता है और बोर्ड में हुए इस ट्रांजिशन के बाद कंपनी की भविष्य की स्ट्रैटेजी क्या रहती है। नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए अब पोस्टल बैलट प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिस पर शेयरधारकों की नजर रहेगी।
