DCW Limited को V.O. Chidambaranar Port Authority से ₹6.32 करोड़ के किराए और ब्याज का नोटिस मिला है। कंपनी का कहना है कि यह मांग पिछले कोर्ट के आदेश के विपरीत है और वे इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे।
DCW Ltd को VOC पोर्ट अथॉरिटी से ₹6.32 करोड़ का नोटिस
DCW Limited ने बताया है कि उन्हें V.O. Chidambaranar Port Authority के एस्टेट मैनेजमेंट डिवीजन से ₹6.32 करोड़ का डिमांड लेटर मिला है। इस मांग में ₹5.36 करोड़ ब्याज के लिए, उस ब्याज पर ₹0.96 करोड़ GST के लिए, और ₹3.64 करोड़ 2014 से निर्धारित लीज रेंट के लिए शामिल हैं।
कंपनी का क्या है कहना?
कंपनी का रुख यह है कि ब्याज और GST की यह मांग अनधिकृत है और मद्रास हाईकोर्ट के 6 नवंबर, 2025 के एक पिछले कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करती है। DCW Limited इस मांग का विरोध करने की योजना बना रही है और अधिकारियों को एक औपचारिक प्रतिनिधित्व प्रस्तुत करेगी। कंपनी अपने कानूनी अधिकारों को सुरक्षित रख रही है, जो मौजूदा दावे के प्रति कड़े विरोध का संकेत देता है।
विवाद की जड़
यह विवाद DCW Limited द्वारा दायर एक पिछले Writ Petition (No. 20431 of 2014) से जुड़ा है। मद्रास हाईकोर्ट के 6 नवंबर, 2025 के आदेश में कंपनी को 2007-2014 के लिए लीज रेंट किश्तों में भुगतान करने का निर्देश दिया गया था और पोर्ट अथॉरिटी को 2014 से आगे का किराया निर्धारित करने का आदेश दिया गया था।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह मामला कंपनी के लिए एक संभावित वित्तीय देनदारी का प्रतिनिधित्व करता है। यदि कंपनी का कानूनी संघर्ष असफल रहता है, तो इसका वित्तीय प्रभाव पड़ सकता है। निवेशकों को कंपनी और पोर्ट अथॉरिटी से किसी भी नए अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को DCW Limited के अधिकारियों को औपचारिक प्रतिनिधित्व सौंपने और पोर्ट अथॉरिटी की प्रतिक्रिया पर नज़र रखनी चाहिए। इस विवाद के समाधान या कानूनी कार्यवाही में किसी भी अपडेट पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
