DCM Shriram ने Q2 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **22%** बढ़कर **₹3,977 करोड़** रहा, हालांकि लागत बढ़ने से ऑपरेटिंग प्रॉफिट में गिरावट आई है। साथ ही, कंपनी ने **200%** के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है और डिमर्जर की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।
मुनाफे पर लागत का असर
कंपनी ने सितंबर 2026 तिमाही में केमिकल, विनाइल, फर्टिलाइजर और फेनेस्टा (Fenesta) जैसे सभी मुख्य सेगमेंट में दमदार ग्रोथ दिखाई है। हालांकि, कुल रेवेन्यू ₹3,977 करोड़ तक पहुंचने के बावजूद, PBDIT ₹319 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल इसी दौरान ₹408 करोड़ था। इसके पीछे मुख्य वजह इनपुट कॉस्ट का बढ़ना और पिछले साल मिलने वाले ₹91.5 करोड़ के वन-टाइम बेनिफिट्स का न होना है।
कॉरपोरेट फैसले और आगे की राह
निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी ने 200% के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। साथ ही, कंपनी के डिमर्जर पर काम जारी है और मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अगले 2 से 3 तिमाहियों में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। कंपनी अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को भी बढ़ा रही है, जिसमें हाल ही में 68 MW का हाइब्रिड रिन्यूएबल पावर प्रोजेक्ट शामिल है, जो आगे चलकर ऊर्जा लागत को कम करने में मदद करेगा।
रिस्क फैक्टर और चिंताएं
कंपनी के लिए जिओपॉलिटिकल अस्थिरता और बढ़ती एनर्जी कॉस्ट बड़ी चुनौती बनी हुई है, जो कुल खर्च का 70% तक हिस्सा है। इसके अलावा, बायसीड (Bioseed) बिजनेस का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है, जिसमें ₹41 करोड़ का नुकसान (negative PBDIT) दर्ज किया गया है। अब निवेशकों की नजरें डिमर्जर के अपडेट और नए रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स के असर पर टिकी होंगी।
