DCM Shriram लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **42%** बढ़कर **₹856 करोड़** हो गया, जबकि रेवेन्यू **12%** बढ़कर **₹13,538 करोड़** रहा। कंपनी के केमिकल्स और फेनेस्टा (Fenesta) सेगमेंट में दमदार ग्रोथ देखने को मिली, हालांकि विनाइल (Vinyl) और सीमेंट सेगमेंट में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
Detailed Coverage
DCM Shriram के नतीजे: प्रॉफिट में उछाल, रेवेन्यू में 12% की वृद्धि
DCM Shriram लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 42% बढ़कर ₹856 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष में ₹604 करोड़ था। वहीं, ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 12% की बढ़ोतरी के साथ ₹13,538 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹12,077 करोड़ था।
क्यों महत्वपूर्ण है यह नतीजा?
इस दमदार प्रॉफिट ग्रोथ में ₹239 करोड़ के एकमुश्त डेफेर्ड टैक्स क्रेडिट (deferred tax credit) का भी अहम योगदान रहा। कंपनी के केमिकल्स और फेनेस्टा बिल्डिंग सिस्टम्स (Fenesta Building Systems) जैसे विविध रेवेन्यू स्ट्रीम्स ने इस ग्रोथ को गति दी। कंपनी द्वारा की गई रणनीतिक अधिग्रहण (acquisitions) और ज्वाइंट वेंचर्स (joint ventures) वैल्यू चेन इंटीग्रेशन (value chain integration) और बाजार विस्तार पर फोकस को दर्शाते हैं।
कंपनी की अब तक की यात्रा
वित्त वर्ष 2024-25 में DCM Shriram ने ₹604 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹12,077 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच कंपनी लगातार अपनी वैल्यू-चेन को मजबूत करने और परिचालन क्षमता (operational efficiency) बढ़ाने की रणनीतियों पर काम कर रही है।
आगे क्या बदलेगा?
कंपनी ने हाल ही में हिंदुस्तान स्पेशलिटी केमिकल्स लिमिटेड (Hindusthan Speciality Chemicals Ltd.) और DNV ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (DNV Global Pvt. Ltd.) में हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है, जिसका मकसद फॉरवर्ड और बैकवर्ड इंटीग्रेशन को मजबूत करना है। इसके अलावा, श्रीराम पॉलीटेक लिमिटेड (Shriram Polytech Ltd.) में हिस्सेदारी बेचने के बाद Teknor Apex B.V. के साथ एक ज्वाइंट वेंचर भी बनाया गया है, जिससे कंपनी की पॉलीमर कंपाउंडिंग मार्केट में स्थिति मजबूत हुई है।
जोखिम पर नजर
कंपनी के विनाइल सेगमेंट में इंपोर्ट डंपिंग (import dumping) के कारण रियलाइजेशन (realizations) पर असर पड़ सकता है। साथ ही, हाई एनर्जी इंटेंसिटी (high energy intensity) के कारण फ्यूल प्राइस वोलेटिलिटी (fuel price volatility) का जोखिम बना हुआ है। सीमेंट सेगमेंट में भी प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर लगातार चुनौतियां बनी हुई हैं, जिसने ₹13 करोड़ का निगेटिव PBDIT दर्ज किया है।
कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े
31 मार्च 2026 तक, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट डेट (net debt) ₹1,767 करोड़ रहा। एक्सेप्शनल आइटम्स (exceptional items) के बाद प्रति शेयर आय (EPS) ₹54.7 रही। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल पूंजीगत व्यय (capital expenditure) ₹1,106 करोड़ रहा।
