Cranex Ltd ने दूसरी तिमाही के नतीजों में रेवेन्यू और प्रॉफिट में बढ़त दर्ज की है, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई गंभीर खामियां निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।
आंकड़ों में क्या है स्थिति?
कंपनी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो रेवेन्यू पिछले साल के ₹13.37 करोड़ से बढ़कर ₹15.11 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट भी ₹0.66 करोड़ से सुधरकर ₹0.90 करोड़ हो गया है। ऊपर से देखने में यह ग्रोथ अच्छी लग रही है, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट ने तस्वीर बदल दी है।
ऑडिटर की कड़ी टिप्पणी
कंपनी के ऑडिटर V.R. Bansal & Associates ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) जारी किया है। ऑडिटर ने साफ तौर पर कहा है कि:
- इन्वेंट्री वेरिफिकेशन: कंपनी के पास फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए इन्वेंट्री रजिस्टर ही नहीं है, सारा डेटा केवल मैनेजमेंट के सर्टिफिकेट पर टिका है।
- अकाउंटिंग में चूक: कंपनी ने Ind AS-109 मानकों का पालन नहीं किया है और फाइनेंशियल एसेट्स की फेयर वैल्यू नहीं निकाली गई है।
- अनकन्फॉर्म्ड बैलेंस: ट्रेड रिसीवेबल और पेबल के बैलेंस अब तक कन्फर्म नहीं हो पाए हैं।
आगे क्या होगा?
इतना ही नहीं, M/s Shree Construction के साथ ज्वाइंट वेंचर के मामले में भी 'इक्विटी मेथड' का पालन नहीं किया गया है। इन खामियों ने कंपनी की फाइनेंशियल स्टेटमेंट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या मैनेजमेंट इन गंभीर ऑडिट आपत्तियों को दूर करने के लिए कोई ठोस योजना पेश करता है या नहीं।
