Craftsman Automation के दमदार नतीजे: ₹8,069 Cr रेवेन्यू और ₹384 Cr मुनाफा, ₹11.25 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

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AuthorNeha Patil|Published at:
Craftsman Automation के दमदार नतीजे: ₹8,069 Cr रेवेन्यू और ₹384 Cr मुनाफा, ₹11.25 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

Craftsman Automation ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹8,069.27 करोड़ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹383.99 करोड़ रहा। इसके साथ ही कंपनी ने ₹11.25 प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा की है।

Craftsman Automation का शानदार प्रदर्शन

Craftsman Automation ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹8,069.27 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष (FY 2024-25) के ₹5,690.48 करोड़ की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी है। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी जबरदस्त उछाल देखा गया, जो पिछले साल के ₹200.87 करोड़ से बढ़कर ₹383.99 करोड़ हो गया।

स्टैंडअलोन आधार पर, कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹4,818.08 करोड़ और PAT ₹221.47 करोड़ दर्ज किया गया।

नतीजों का महत्व

यह मजबूत वित्तीय प्रदर्शन कंपनी के कारोबार के विस्तार और लाभप्रदता में वृद्धि का संकेत देता है। रेवेन्यू और PAT में यह बढ़ोतरी प्रभावी परिचालन प्रबंधन और बाजार में उत्पादों की मांग को दर्शाती है। प्रस्तावित डिविडेंड शेयरधारकों को मूल्य लौटाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को भी जाहिर करता है।

कंपनी की रणनीति

एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाते हुए, कंपनी की सहायक कंपनी DR Axion India Limited ने 19 दिसंबर, 2025 को Suprash Developers Private Limited और Srikara Technologies Private Limited का 100% अधिग्रहण ₹145.85 करोड़ में पूरा किया। इस अधिग्रहण का उद्देश्य परिचालन क्षमताओं को बढ़ाना है।

आगे क्या?

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹11.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जिससे कुल भुगतान ₹26.84 करोड़ होगा। यह प्रस्ताव कंपनी के मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य और भविष्य की संभावनाओं में विश्वास को दर्शाता है। प्रबंधन की रणनीतिक प्राथमिकताओं में वर्किंग कैपिटल में सुधार, कर्ज कम करना, EBITDA मार्जिन बनाए रखना और नॉन-ऑटोमोटिव व्यवसाय का विस्तार करना शामिल है।

जोखिम पर नजर

निवेशकों को यह ध्यान देना चाहिए कि कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो पिछले साल के 0.59x से बढ़कर 0.89x हो गया है, जो बढ़ी हुई लीवरेज को दर्शाता है। इसके अलावा, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की स्वाभाविक चक्रीयता (cyclicality) एक जोखिम प्रस्तुत करती है, क्योंकि यह ब्याज दरों, लिक्विडिटी और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील है।

पीयर कंपैरिजन

  • ऑटोमोटिव पावरट्रेन: सेल्स FY26 में बढ़कर ₹1,837 करोड़ (FY25 में ₹1,683 करोड़)।
  • एल्युमीनियम प्रोडक्ट्स: सेल्स FY26 में बढ़कर ₹1,801 करोड़ (FY25 में ₹1,160 करोड़)।
  • इंडस्ट्रियल और इंजीनियरिंग: सेल्स FY26 में बढ़कर ₹1,107 करोड़ (FY25 में ₹838 करोड़)।

आगे क्या देखना है?

निवेशक कंपनी की कर्ज कम करने और वर्किंग कैपिटल दक्षता में सुधार के लक्ष्यों पर प्रगति को बारीकी से देखेंगे। ऑटोमोटिव सेक्टर पर मैक्रोइकॉनॉमिक कारकों के प्रभाव और अधिग्रहीत संस्थाओं के सफल एकीकरण की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी।

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