Cosmo First Ltd ने Q1 FY27 में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट रेवेन्यू **45.8%** बढ़कर **₹1,166 करोड़** हो गया है। बिक्री की मात्रा बढ़ने और मार्जिन सुधरने से मुनाफे में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि पूरे फाइनेंशियल ईयर में रेवेन्यू **20%** बढ़ेगा।
Cosmo First Ltd का Q1 FY27 में शानदार प्रदर्शन
Cosmo First Ltd ने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में नेट रेवेन्यू में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है। यह ₹1,166 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की पहली तिमाही (Q1 FY26) के ₹800 करोड़ की तुलना में 45.8% अधिक है।
निवेशकों के लिए खास: मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और बेहतर मुनाफे की उम्मीद, लेकिन वर्किंग कैपिटल और कर्ज के स्तर पर नजर रखें।
क्या हुआ?
Cosmo First Ltd ने Q1 FY27 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट रेवेन्यू सालाना आधार पर 45.8% बढ़कर ₹1,166 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA में 26.7% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹147 करोड़ रहा। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 31.5% बढ़कर ₹71 करोड़ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 25.6% बढ़कर ₹54 करोड़ दर्ज किया गया। प्रति शेयर आय (EPS) ₹20.7 रही, जो पिछले साल के ₹16.6 से 24.7% अधिक है।
यह क्यों मायने रखता है?
कंपनी की शानदार टॉपलाइन ग्रोथ और बेहतर मुनाफे के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी अपनी रणनीतियों को सफलतापूर्वक लागू कर रही है। इस प्रदर्शन का मुख्य कारण बिक्री की उच्च मात्रा, BOPP और BOPET फिल्मों में बेहतर मार्जिन और अमेरिका में फिल्म बिजनेस में टैरिफ में कमी का सकारात्मक प्रभाव रहा।
पूरी कहानी
कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट में मजबूती दिख रही है। स्पेशियलिटी केमिकल्स (Specialty Chemicals) सेगमेंट ने 34% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जिसमें 25% का EBITDA मार्जिन रहा। Cosmo Plastech ने EBIT पॉजिटिव स्थिति हासिल की है और 50% क्षमता विस्तार की योजना बना रहा है। Zigly (Petcare) सेगमेंट ने 70% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की और अपने रिटेल फुटप्रिंट का विस्तार किया है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी के मैनेजमेंट ने पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए आशावादी विकास का अनुमान जताया है। कुल रेवेन्यू में 20% की वृद्धि का अनुमान है, और नए व्यवसायों से 60% विस्तार की उम्मीद है। कंपनी अगले दो सालों में अपने नेट कर्ज को काफी कम करने की भी योजना बना रही है।
जोखिम
वर्किंग कैपिटल में ₹85 करोड़ की बढ़ोतरी देखी गई, जिसका कारण कच्चे माल की बढ़ती कीमतें बताई जा रही हैं, जो पश्चिम एशिया संघर्ष से प्रभावित हो सकती हैं और कैश फ्लो पर असर डाल सकती हैं। वर्तमान में कंपनी पर ₹1,166 करोड़ का कर्ज है, जो EBITDA के 2.3x पर स्थिर है, और इसे कम करने की योजना है।
आगे क्या देखना है?
निवेशक कंपनी के वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर कड़ी नजर रखेंगे, खासकर कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता को देखते हुए। साथ ही, मैनेजमेंट द्वारा बताए अनुसार कर्ज कम करने की प्रगति पर भी ध्यान दिया जाएगा।
