Cosmic CRF का बड़ा दांव: NSEPPL में पूरी हिस्सेदारी खरीदेगी, BSE/NSE मेन बोर्ड पर होगी लिस्टिंग

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Cosmic CRF का बड़ा दांव: NSEPPL में पूरी हिस्सेदारी खरीदेगी, BSE/NSE मेन बोर्ड पर होगी लिस्टिंग

Cosmic CRF लिमिटेड ने N.S. Engineering Projects (NSEPPL) में अपनी बाकी **26%** हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है, जिससे यह कंपनी की **100%** सहायक कंपनी बन जाएगी। साथ ही, कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म से निकलकर BSE और NSE के मेन बोर्ड पर माइग्रेट करने की तैयारी में है।

Cosmic CRF का बड़ा कदम: NSEPPL में पूरी हिस्सेदारी हासिल करेगी कंपनी

Cosmic CRF लिमिटेड ने अपने एक बड़े ऐलान से बाजार में हलचल मचा दी है। कंपनी N.S. Engineering Projects Pvt. Ltd. (NSEPPL) में अपनी बाकी बची 26% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने जा रही है। फिलहाल Cosmic CRF के पास NSEPPL की 74% हिस्सेदारी है। इस सौदे के पूरा होने के बाद NSEPPL, Cosmic CRF की 100% सहायक कंपनी बन जाएगी। इस अधिग्रहण का मूल्य लगभग ₹96.43 करोड़ बताया जा रहा है, जो कि एक शेयर स्वैप (Share Swap) के जरिए होगा।

BSE SME से मेन बोर्ड पर माइग्रेशन की तैयारी

यह तो सिर्फ एक हिस्सा है! Cosmic CRF ने अपने इक्विटी शेयरों को BSE SME प्लेटफॉर्म से हटाकर BSE और NSE दोनों के मेन बोर्ड पर माइग्रेट करने की भी योजना बनाई है। कंपनी के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस कदम से कंपनी की बाजार में दृश्यता (Visibility) बढ़ेगी, शेयरों की लिक्विडिटी (Liquidity) बेहतर होगी और बड़े निवेशकों, खासकर संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

विस्तार के लिए ₹1,000 करोड़ तक का कर्ज लेने की मंजूरी

अपनी विस्तार योजनाओं और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए, Cosmic CRF ने शेयरधारकों से ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ तक का कर्ज और निवेश की सीमा बढ़ाने की मंजूरी मांगी है। शेयरधारकों की एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EOGM) 2 सितंबर, 2026 को इस पर फैसला करेगी। कंपनी ₹1,330 प्रति शेयर के भाव पर 7,25,041 इक्विटी शेयर प्रीफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के जरिए भी जारी करेगी।

आगे क्या? जोखिम और अवसर

यह अधिग्रहण कंपनी को वर्टिकल इंटीग्रेशन (Vertical Integration) हासिल करने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बढ़ाने में मदद कर सकता है। मेन बोर्ड पर लिस्टिंग से कंपनी को बड़ी पहचान मिलेगी। हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी द्वारा बढ़ाए गए कर्ज के इस्तेमाल पर कड़ी नजर रखें और सुनिश्चित करें कि विस्तार की योजनाएं टिकाऊ मुनाफे की ओर ले जाएं। मेन बोर्ड पर माइग्रेशन की सफलता नियामकीय जरूरतों (Regulatory Requirements) और बाजार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.