Control Print ने Q2 FY27 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर **31%** बढ़कर **₹131 करोड़** पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में **₹100 करोड़** था।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भी जोरदार इजाफा देखने को मिला है, जो पिछले साल के ₹112 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹144 करोड़ रहा। कंपनी का मुख्य बिजनेस—कोडिंग और मार्किंग (Coding and Marking)—लगातार अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है और कुल रेवेन्यू में इसकी हिस्सेदारी 94-95% है। मैनेजमेंट ने इस सेगमेंट के लिए 60% ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन और 30% EBIT मार्जिन का लक्ष्य तय किया है।
सब्सिडियरी का संकट और सुधारात्मक कदम
कंपनी अब अपने 'Track & Trace' और 'V-Shapes' जैसे नए सेगमेंट को बड़ा बनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, ये अभी निवेश के दौर में हैं और पहले खराब नतीजों के चलते कंपनी ने इन विभागों में 65-70% तक स्टाफ बदल दिया है। इस बदलाव का असर भी दिखने लगा है और इन सेगमेंट की लागत में करीब 25% की कमी आई है।
किन जोखिमों पर रखें नजर?
इन्वेस्टर्स के लिए चिंता का विषय इंटरनेशनल सब्सिडियरी का घाटा है, हालांकि यह अब कम हो रहा है। इसके अलावा, गुवाहाटी में चल रहा 'Unnati' प्रोजेक्ट फिलहाल इंसेंटिव से जुड़ी समस्याओं के कारण रुका हुआ है। मैनेजमेंट अब आने वाले H2 में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जता रहा है, बशर्ते मार्केट में कोई बड़ा झटका न लगे। कंपनी का पूरा ध्यान अब प्रोक्योरमेंट कॉस्ट घटाने और नई टेक्नोलॉजी पर केंद्रित है।
