Control Print: ₹484 करोड़ पार हुआ रेवेन्यू, Q4 में 21% की बम्पर ग्रोथ!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Control Print: ₹484 करोड़ पार हुआ रेवेन्यू, Q4 में 21% की बम्पर ग्रोथ!
Overview

कंट्रोल प्रिंट (Control Print) के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 शानदार रहा। कंपनी का कुल रेवेन्यू **12.3%** बढ़कर **₹484 करोड़** हो गया है। वहीं, चौथी तिमाही (Q4) में स्टैंडअलोन रेवेन्यू में **21%** की जोरदार उछाल के साथ यह **₹138 करोड़** पर पहुंच गया। कंपनी अपने इटली स्थित सब्सिडियरी में भारी निवेश कर रही है, भले ही फिलहाल उसे घाटा हो रहा है।

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Control Print का FY26 रेवेन्यू ₹484 करोड़ के पार, 12.3% की बढ़ोतरी

कंट्रोल प्रिंट लिमिटेड (Control Print Limited) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹431 करोड़ की तुलना में 12.3% बढ़कर ₹484 करोड़ दर्ज किया गया है। इतना ही नहीं, स्टैंडअलोन चौथी तिमाही (Q4) FY26 में भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में 21% की ग्रोथ दर्ज की, जो ₹114 करोड़ से बढ़कर ₹138 करोड़ हो गया।

कोर बिजनेस की मजबूती से ग्रोथ

यह शानदार रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी के कोडिंग और मार्किंग प्रोडक्ट्स व सर्विसेज की मजबूत डिमांड और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दिखाती है। Q4 में दमदार परफॉरमेंस ने कंपनी के भविष्य को लेकर पॉजिटिव संकेत दिए हैं।

इंटरनेशनल सब्सिडियरी में स्ट्रेटेजिक निवेश

कंट्रोल प्रिंट अपनी इंटरनेशनल पैकेजिंग सब्सिडियरी, CP Italy (V-Shapes) में सक्रिय रूप से निवेश कर रही है। फिलहाल इस सब्सिडियरी में घाटा हो रहा है, लेकिन मैनेजमेंट का मानना है कि यह लॉन्ग-टर्म में IP-ओनर मॉडल की ओर जाने के लिए बेहद जरूरी है।

IP-ओनर मॉडल की ओर बदलाव

कंपनी अपने मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल से हटकर ऐसे मॉडल की ओर बढ़ना चाहती है जहां वह खुद इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) की मालिक हो। इसके लिए वह अपने इंटरनेशनल ऑपरेशंस में लगातार निवेश कर रही है।

लागत दबाव से निपटना

मैनेजमेंट लागत पर भी ध्यान दे रहा है। नए वेज कोड और इंसेंटिव प्रोविजन्स के कारण एम्प्लॉई खर्चों में बढ़ोतरी हुई है, जिसे कंट्रोल करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, सरचार्ज के जरिए इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता को भी मैनेज किया जा रहा है। गुवाहाटी में एक्सपेंशन को सरकारी इंसेंटिव्स का भी सहारा मिल रहा है।

मुख्य जोखिम और निवेशकों का फोकस

इटैलियन सब्सिडियरी CP Italy में चल रहे घाटे और ऑपरेशनल क्वालिटी इश्यूज बड़े जोखिम हैं। ग्लोबल सप्लाई चेन और जियोपॉलिटिकल अस्थिरता इनपुट कॉस्ट को प्रभावित कर सकती है। एम्प्लॉई कॉस्ट, रॉ मटेरियल और फ्रेट से मार्जिन पर दबाव भी एक चिंता का विषय है। निवेशक इटैलियन यूनिट में स्थिरता और इंटरनेशनल सेगमेंट्स की प्रॉफिटेबिलिटी की ओर बढ़ते कदमों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

प्रतिस्पर्धी परिदृश्य

कंट्रोल प्रिंट इंडस्ट्रियल मार्किंग और कोडिंग सेक्टर में काम करती है। ग्लोबल कॉम्पिटीटर्स में Dover Corporation (Markem-Imaje) और Danaher Corporation (Videojet) शामिल हैं। कंट्रोल प्रिंट का IP ओनर बनने का स्ट्रेटेजिक लक्ष्य उसे डिस्ट्रीब्यूशन-फोकस्ड कॉम्पिटीटर्स से अलग करता है।

मुख्य फाइनेंशियल मेट्रिक्स

  • कंसोलिडेटेड टोटल रेवेन्यू FY26: ₹484 करोड़
  • कंसोलिडेटेड टोटल रेवेन्यू FY25: ₹431 करोड़
  • स्टैंडअलोन Q4 टोटल रेवेन्यू FY26: ₹138 करोड़
  • स्टैंडअलोन Q4 टोटल रेवेन्यू FY25: ₹114 करोड़
  • बेचे गए प्रिंटर्स FY26: 3,064 यूनिट्स
  • स्टैंडअलोन एम्प्लॉई खर्च ₹3.5 करोड़ बढ़ा है।

आगे की राह

भविष्य में निवेशकों का फोकस CP Italy के ऑपरेशनल टर्नअराउंड और फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर रहेगा। कंपनी की IP डेवलप करने और उससे कमाई करने की क्षमता एक अहम फैक्टर है। इंटरनेशनल सेगमेंट्स के ब्रेक-ईवन प्रोग्रेस और कॉस्ट मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी की प्रभावशीलता पर भी नजर रखी जाएगी, जिसमें गुवाहाटी एक्सपेंशन से मिलने वाले फायदे भी शामिल हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.