Constronics Infra Ltd का वित्त वर्ष 2026 में नेट प्रॉफिट घटकर **₹282.02 लाख** रह गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने **30,09,899** वारंट रद्द होने की पुष्टि की है, जिससे कंपनी को **₹8.27 करोड़** का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
मुनाफे और रेवेन्यू में सुस्ती
Constronics Infra के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹313.18 लाख से घटकर इस साल ₹282.02 लाख पर आ गया है। साथ ही, कंपनी का कुल रेवेन्यू भी ₹5,251.34 लाख से फिसलकर ₹5,032.49 लाख रह गया है।
वारंट रद्द होने से बड़ा वित्तीय झटका
नवंबर 2024 में जारी किए गए 30,09,899 वारंट समय सीमा समाप्त होने के कारण लैप्स (lapse) हो गए हैं। इस प्रक्रिया में कंपनी को करीब ₹8.27 करोड़ की अपफ्रंट पेमेंट जब्त (forfeit) करनी पड़ी है, जो कंपनी के लिए भविष्य के विस्तार हेतु जुटाई गई पूंजी का एक बड़ा हिस्सा था।
कानूनी पेंच और ऑडिट रिपोर्ट
कंपनी के ऑडिटर्स ने ₹5.87 लाख नकद राशि को लेकर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। यह रकम जांच एजेंसियों द्वारा जब्त की गई है और फिलहाल मद्रास हाईकोर्ट में इसका मामला चल रहा है। इस फंड के लिए कोई प्रावधान न होने के कारण इसे गवर्नेंस के नजरिए से एक रिस्क के रूप में देखा जा रहा है।
नई राह: Constronics Energy Solutions
अपने मुख्य बिजनेस—ब्लू मेटल्स और एम-सैंड ट्रेडिंग—से आगे बढ़ते हुए कंपनी ने अपना ध्यान नई सब्सिडियरी 'Constronics Energy Solutions' की ओर केंद्रित किया है। इसमें कंपनी ने हाल ही में ₹897 लाख का अतिरिक्त निवेश किया है।
निवेशकों के लिए जरूरी अपडेट
कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि वित्त वर्ष 2026 के लिए कोई डिविडेंड नहीं दिया जाएगा। कंपनी की 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी, जहां निवेशकों की नजरें कंपनी के भविष्य के रोडमैप पर होंगी।
