Cochin Shipyard ने Q1 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का टर्नओवर **₹1,094.21 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) **₹151.45 करोड़** दर्ज किया गया। हालांकि मुनाफा सालाना आधार पर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन **₹22,000 करोड़** की मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी के भविष्य के लिए एक बड़ा सहारा है।
नतीजों का हाल और भविष्य की राह
Cochin Shipyard के लिए पहली तिमाही मिली-जुली रही। कंपनी का टर्नओवर पिछले साल के ₹1,068.59 करोड़ से बढ़कर ₹1,094.21 करोड़ पर पहुंच गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹187.82 करोड़ के मुकाबले घटकर ₹151.45 करोड़ पर आ गया है। मैनेजमेंट के अनुसार, इन्वेंट्री और रिसीवेबल साइकिल के चलते ऑपरेटिंग कैश फ्लो पर दबाव दिखा, लेकिन जैसे-जैसे जहाजों की डिलीवरी बढ़ेगी, कैश फ्लो में सुधार की उम्मीद है।
क्यों मजबूत दिख रही है तस्वीर?
कंपनी के पास ₹22,000 करोड़ के पेंडिंग ऑर्डर हैं, जो लंबी अवधि में रेवेन्यू की गारंटी देते हैं। इसके अलावा, भारतीय नौसेना के लिए ₹5,000 करोड़ के सर्वे वेसल्स के लिए कंपनी L1 बिडर बनी हुई है। इसके मिलते ही ऑर्डर बुक ₹27,000 करोड़ तक पहुंच जाएगी।
विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स
कंपनी ने अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं:
- Drydocks World: DP World की कंपनी के साथ ₹1,800 करोड़ के वैल्यूएशन पर 50:50 जॉइंट वेंचर किया है।
- कैपेसिटी विस्तार: कंपनी अपनी ब्लॉक फैब्रिकेशन क्षमता को बढ़ाकर 72,000 टन करने जा रही है।
- ग्रीन एनर्जी: HBL के साथ ग्रीन मैरीटाइम प्रोपल्शन में वेंचर शुरू किया है, जिससे पांचवें साल तक ₹640 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य है।
आगे की चुनौतियां
कंपनी अगले 5 सालों में ₹6,000 करोड़ से ₹6,500 करोड़ का कैपेक्स (Capex) प्लान कर रही है। निवेशकों को कंपनी के नए प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन और बड़े ऑर्डर्स को समय पर पूरा करने पर नज़र रखनी चाहिए। FY27 के लिए 12% रेवेन्यू ग्रोथ और 14% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को तय करेगा।
