Cochin Minerals & Rutile Ltd (CMRL) का फाइनेंशियल ईयर 2026 का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट **47%** घटकर **₹12.51 करोड़** रह गया है, जबकि कंपनी पर कानूनी जांच का साया भी मंडरा रहा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के सालाना नतीजों के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में रेवेन्यू 9.23% गिरकर ₹297.19 करोड़ पर आ गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹23.56 करोड़ से लुढ़क कर ₹12.51 करोड़ हो गया है। मार्जिन में इस गिरावट के बावजूद, बोर्ड ने ₹10 की फेस वैल्यू पर ₹8 प्रति शेयर यानी 80% डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
कारोबार पर ग्लोबल दबाव
CMRL पूरी तरह से एक्सपोर्ट पर निर्भर कंपनी है, जिसका मुख्य काम सिंथेटिक रूटाइल (Synthetic Rutile) बेचना है। मैनेजमेंट का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में वैकल्पिक फीडस्टॉक की सप्लाई बढ़ने और पिगमेंट सेक्टर से कमजोर मांग के कारण वॉल्यूम पर असर पड़ा है।
कानूनी पचड़ों में फंसी कंपनी
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कंपनी पर चल रही सरकारी जांच है:
- SFIO जांच: कंपनी सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) की जांच का सामना कर रही है। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल इस पर रोक लगाई है, लेकिन अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को होनी है।
- ED की कार्रवाई: कंपनी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की जांच के घेरे में भी है। केरल हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद कंपनी आगे के कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
नेतृत्व में बदलाव
कंपनी में बड़े बदलाव भी हुए हैं। 21 मई 2025 को सरन कार्था शशिधरन (Saran Kartha Sasidharan) ने मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाला है, और अगस्त 2026 में डॉ. रबींद्र नारायण पात्रा (Dr. Rabinarayan Patra) को बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
अब निवेशकों की नजरें अक्टूबर 2026 की कोर्ट सुनवाई पर टिकी हैं, जो स्टॉक की दिशा तय कर सकती है।
