Cochin Malabar Estates & Industries के फाइनेंशियल नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। FY 2025-26 में कंपनी को **₹0.46 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹1.28 करोड़** के मुनाफे में थी। कंपनी की नेट वर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के प्रदर्शन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कुल इनकम पिछले साल के ₹137.64 लाख से घटकर इस बार सिर्फ ₹22.13 लाख रह गई है। कंपनी का नेट लॉस ₹46.01 लाख रहा, जिससे प्रति शेयर आय (EPS) -₹2.60 पर आ गई है।
ऑडिटर की चेतावनी
ऑडिटर M/s. Singhi & Co. ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' (Going-Concern) स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कंपनी की देनदारियां उसकी मौजूदा संपत्तियों से अधिक हो गई हैं, जिससे भविष्य की ऑपरेशंस पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
रिवाइवल की कोशिश और जोखिम
कंपनी की रबरवुड फैक्ट्री पिछले 28 सालों से बंद पड़ी है। अब मैनेजमेंट का पूरा ध्यान गोवा में चल रहे लैंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर है। हालांकि, चुनौतियां कम नहीं हैं। कंपनी पर ₹151.24 लाख की इनकम टैक्स डिमांड का विवाद भी चल रहा है, जो अभी अपील में है।
बोर्ड में बदलाव और अगला कदम
इंडिपेंडेंट डायरेक्टर मिस्टर जय कुमार सुराना के निधन के बाद, मिस्टर घनश्याम मुंधड़ा को बोर्ड में एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है। निवेशकों की नजर अब 25 सितंबर 2026 को होने वाली AGM पर है, जहां भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
