Chrome Silicon Ltd के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 बेहद खराब रहा है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹73.40 करोड़ से गिरकर मात्र ₹1.07 लाख रह गया है, जिसके बाद अब कंपनी ने अपने प्लांट और मशीनरी को बेचने का फैसला किया है।
कारोबार पर लगा ताला
कंपनी ने प्रतिकूल बाजार स्थितियों का हवाला देते हुए मई 2025 से ही अपनी रुद्राराम (Rudraram) यूनिट में मैन्युफैक्चरिंग पूरी तरह से बंद कर दी है। अब जुलाई 2026 में हुई पोस्टल बैलट के जरिए शेयरहोल्डर्स ने कंपनी की मशीनों और अन्य चल संपत्तियों को बेचने की मंजूरी दे दी है।
आंकड़ों में आई भारी गिरावट
वित्तीय हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी का रेवेन्यू जो कभी ₹7,340.06 लाख हुआ करता था, वह अब घटकर मात्र ₹1.07 लाख पर आ गया है। कंपनी ने ₹984 लाख का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, हालांकि पिछले साल यह घाटा ₹8,594.16 लाख था।
ऑडिटर की सख्त चेतावनी
इंडिपेंडेंट ऑडिटर ने कंपनी की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मुख्य चिंताओं में शामिल हैं:
- एसेट्स का फिजिकल वेरिफिकेशन न होना।
- इंड AS 19 के नियमों का पालन न करना।
- ₹6.65 करोड़ के ब्याज-मुक्त लोन की रिकवरी पर संदेह।
- ₹47 करोड़ से अधिक के लोन, सप्लायर एडवांस और ट्रेड पेबल्स के लिए कोई पुख्ता रिकॉर्ड या कंफर्मेशन मौजूद नहीं है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी का मुख्य कामकाज बंद होना सबसे बड़ा रिस्क है। अब सारा फोकस संपत्तियों को बेचकर कर्ज चुकाने पर है, जिससे कंपनी के पास कोई कोर इनकम सोर्स नहीं बचा है। ऑडिटर की रिपोर्ट में एसेट वैल्यूएशन को लेकर जिस तरह की अनिश्चितता जताई गई है, उससे भविष्य में और अधिक 'राइट-डाउन' (Write-downs) की आशंका बनी हुई है।
