Chiraharit Ltd के FY26 नतीजे काफी कमजोर रहे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹6.02 करोड़** से गिरकर महज **₹0.02 करोड़** पर आ गया है। रेवेन्यू में भी गिरावट देखी गई है, जिसके चलते कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के लिए यह फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹59.61 करोड़ से घटकर ₹54.86 करोड़ रह गया है। मार्जिन पर सबसे ज्यादा असर डायरेक्ट एक्सपेंस में हुई बढ़ोतरी से पड़ा है, जो रेवेन्यू का 81.72% तक पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 70.66% था। मैनेजमेंट ने इसके पीछे प्रोजेक्ट में देरी, कड़ी प्रतिस्पर्धा और इनपुट कॉस्ट में इजाफे को मुख्य वजह बताया है।
बिजनेस और ऑपरेशंस की स्थिति
बावजूद इसके, कंपनी अपने तीन प्रमुख वर्टिकल्स—वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी (CBG प्लांट्स) और सिविल कंस्ट्रक्शन पर फोकस बनाए हुए है:
- बैकवर्ड इंटीग्रेशन: तेलंगाना में HDPE वॉल्व मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का काम पूरा हो चुका है, जिससे भविष्य में मार्जिन सुधारने की उम्मीद है।
- टेक्नोलॉजी अपग्रेड: कंपनी सोलर मॉड्यूल के लिए रोबोटिक क्लीनिंग सिस्टम और सेंटर पिवट इरिगेशन टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग कर रही है।
- इंटरनेशनल विस्तार: कंपनी ने युगांडा में अपना पहला प्रोजेक्ट पूरा कर लिया है और तंजानिया में ₹1.72 करोड़ का नया ऑर्डर भी हासिल किया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
शेयरधारकों को कंपनी के बढ़ते वर्किंग कैपिटल साइकिल पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, वाटर-बेस्ड सोलर क्लीनिंग से रोबोटिक तकनीक की ओर बदलाव के दौरान ट्रांजिशन रिस्क बना हुआ है। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी कॉस्ट को कम करने में कितनी सफल होती है।
