Chennai Ferrous Industries: कंपनी ने किया बड़ा बदलाव, कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाकर **₹200 करोड़** किया

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Chennai Ferrous Industries: कंपनी ने किया बड़ा बदलाव, कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाकर **₹200 करोड़** किया

Chennai Ferrous Industries ने अपनी 16वीं AGM की घोषणा कर दी है, जो **25 सितंबर, 2026** को आयोजित होगी। कंपनी अब स्पंज आयरन से कोल ट्रेडिंग (Coal Trading) की ओर रुख कर रही है और कामकाज के विस्तार के लिए **₹200 करोड़** तक कर्ज लेने की मंजूरी मांग रही है।

16वीं AGM और बड़ा एजेंडा

Chennai Ferrous Industries ने अपनी आगामी 16वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए तारीख तय कर दी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस मीटिंग में मुख्य चर्चा का विषय कंपनी की बोरिंग पावर को बढ़ाकर ₹200 करोड़ करने का प्रस्ताव है, जो कि कंपनीज एक्ट की धारा 180(1)(c) के तहत लाया गया है। इस दौरान मिस्टर आर. नटराजन की फिर से नियुक्ति पर भी मुहर लग सकती है।

क्यों लिया बड़ा फैसला?

स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरिंग में बाजार की अस्थिरता और कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए कंपनी ने अब अपना फोकस कोल ट्रेडिंग और प्लांट एसेट्स को लीज पर देने की तरफ शिफ्ट कर लिया है। कर्ज की सीमा में यह बढ़ोतरी इसी नए बिजनेस मॉडल के लिए फंड जुटाने और ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने के लिए है।

फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर नजर

कंपनी के लिए पिछला साल चुनौतीपूर्ण रहा है:

  • रेवेन्यू: फाइनेंशियल ईयर 2026 में रेवेन्यू घटकर ₹13,231.06 लाख रह गया, जो पिछले साल ₹22,242.73 लाख था।
  • नेट प्रॉफिट: कंपनी का मुनाफा भी कम होकर ₹338.22 लाख पर आ गया, जो पिछले साल ₹401.07 लाख था।
  • EPS: अर्निंग पर शेयर (EPS) भी गिरकर ₹9.38 रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹11.13 था।

आगे की राह

कंपनी ने अपनी इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स को पर्याप्त बताया है और ऑडिटर्स ने भी कंपनी के कामकाज पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कोल ट्रेडिंग के जरिए गिरते रेवेन्यू को कैसे पटरी पर लाती है और नई कर्ज सीमा का इस्तेमाल कितनी कुशलता से किया जाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.