Chemtech Industrial Valves के लिए FY26 चुनौतीपूर्ण रहा है, जहाँ कंपनी का रेवेन्यू **24.64%** और मुनाफा **28.5%** गिर गया है। हालांकि, प्रमोटर्स ने **₹10 करोड़** के वारंट कन्वर्जन के जरिए कंपनी में पूंजी डाली है, लेकिन ऑडिटर्स ने GST विवाद और बैंक फंड्स को लेकर चिंता जताई है।
कमजोर रहे फाइनेंशियल नतीजे
कंपनी ने FY26 के लिए अपने ऑडिटेड रिजल्ट्स जारी किए हैं, जो उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। कंपनी का कुल रेवेन्यू 24.64% घटकर ₹30.17 करोड़ रह गया है, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) में 28.50% की बड़ी गिरावट देखी गई है, जो ₹5.02 करोड़ पर आ गया है।
प्रमोटर्स का दांव
नतीजों के बीच एक सकारात्मक खबर यह है कि प्रमोटर्स हर्ष और पुनीत बदकुर ने कंपनी में विश्वास जताया है। उन्होंने ₹200 प्रति शेयर की दर से वारंट्स को इक्विटी में कन्वर्ट किया है, जिससे कंपनी को ₹10 करोड़ की नई पूंजी प्राप्त हुई है। यह कदम तब उठाया गया है जब कंपनी स्टील और पावर सेक्टर के ऑर्डर्स से रिकवरी की उम्मीद कर रही है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और जोखिम
निवेशकों को इन तीन प्रमुख जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए:
- GST विवाद: कंपनी ₹7.90 करोड़ के GST पेनल्टी नोटिस को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही है, जो फिलहाल GSTAT के पास पेंडिंग है।
- फंसा हुआ पैसा: CKP को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द होने के कारण कंपनी का फंड वहां फंस गया है, जिसकी रिकवरी अनिश्चित है।
- वॉरंट कन्वर्जन: ऑडिटर्स ने वारंट कन्वर्जन ट्रांजैक्शन को लेकर कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं, जिस पर निवेशकों को ध्यान देने की जरूरत है।
आने वाले समय में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने पावर और स्टील सेक्टर के ऑर्डर्स को कितनी तेजी से रेवेन्यू में बदल पाती है।
