Chemfab Alkalis (CCAL) ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में **50.7%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का मुनाफा घटकर **₹7.51 करोड़** रह गया, जबकि पिछले साल यह **₹15.22 करोड़** था। वहीं, रेवेन्यू में भी **10.4%** की कमी आई है।
Chemfab Alkalis के FY26 नतीजों पर एक नज़र
FY26 में Chemfab Alkalis Limited (CCAL) के वित्तीय प्रदर्शन में गिरावट देखी गई है। मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए, कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू में लगभग 10.4% की कमी आई, जो पिछले साल के ₹322.09 करोड़ की तुलना में घटकर ₹288.56 करोड़ रह गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 50.7% की और भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो ₹15.22 करोड़ से घटकर ₹7.51 करोड़ हो गया।
क्यों गिरी मुनाफा और रेवेन्यू?
इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण कास्टिक सोडा की वैश्विक कीमतों में नरमी और सरकारी प्रोजेक्ट्स, खासकर जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत OPVC पाइप सेगमेंट में फंड फ्लो में आई रुकावट रही। इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने अपनी टेक्नोलॉजी को मॉडर्न बनाने और क्षमता विस्तार जैसी रणनीतिक पहलों पर काम जारी रखा।
भविष्य की क्या हैं तैयारियां?
कंपनी ने अपने OPVC पाइप्स सेगमेंट में क्षमता विस्तार का काम पूरा कर लिया है, जिससे इसकी सालाना क्षमता बढ़कर 20,000 टन प्रति वर्ष (TPA) हो गई है। इसके अलावा, नए-जेनरेशन के इलेक्ट्रोलाइजर प्लांट ने क्लोर-अल्कली सेगमेंट में पावर एफिशिएंसी को बढ़ाया है। Chemfab Alkalis हाइब्रिड रिन्यूएबल पावर में भी निवेश कर रहा है, जिसका लक्ष्य Q1 FY27 तक ऊर्जा की 55% जरूरतों को पूरा करना है। इससे कंपनी को ऊर्जा की ऊंची लागत से निपटने में मदद मिलेगी।
आगे क्या ध्यान रखना है?
निवेशकों को कास्टिक सोडा की कीमतों की अस्थिरता पर नज़र रखनी होगी, क्योंकि इसका सीधा असर क्लोर-अल्कली सेगमेंट पर पड़ता है। OPVC पाइप्स सेगमेंट सरकारी फंडिंग पर निर्भर है, इसलिए जल जीवन मिशन और AMRUT 2.0 जैसी योजनाओं में किसी भी देरी का असर ग्रोथ पर पड़ सकता है। कंपनी ने हाल ही में NSE और BSE को स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति में गैर-अनुपालन के लिए जुर्माना भी भरा था, जिसे अब ठीक कर लिया गया है।
