Charms Industries ने अपनी 34वीं AGM 30 सितंबर, 2026 को बुलाई है। कंपनी का पिछला फाइनेंशियल ईयर बिना किसी रेवेन्यू (Zero Revenue) के गुजरा है और अब वह अपना पूरा बिजनेस मॉडल बदलने की तैयारी कर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर 2025-26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। इस दौरान ऑपरेशन से रेवेन्यू जीरो रहा है और नेट लॉस बढ़कर ₹1,999.68 हजार तक पहुंच गया है।
बिजनेस में बड़ा बदलाव (Strategic Pivot)
Charms Industries अब अपने पुराने मनी चेंजर (FFMC) बिजनेस से पूरी तरह बाहर निकल रही है। AGM के दौरान कंपनी शेयरहोल्डर्स से अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव की मंजूरी मांगेगी, ताकि वह लोहा (Iron), स्टील, स्पंज आयरन, फार्मास्यूटिकल्स, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नए सेक्टरों में कदम रख सके।
कोर्ट और रेगुलेटरी अपडेट
- कैपिटल रिडक्शन: मार्च 2026 में NCLT अहमदाबाद बेंच की मंजूरी के बाद कंपनी ने शेयरों की वैल्यू को ₹10 से घटाकर ₹1 कर दिया था।
- कंप्लायंस: कंपनी के 4,840 प्रमोटर शेयर अभी भी फिजिकल फॉर्म में हैं, जिन्हें डीमैट कराने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही, फॉर्म MGT-14 की देरी से फाइलिंग की समस्या को अब जुर्माना भरकर सुलझा लिया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
फिलहाल कंपनी के पास कोई ऑपरेशनल इनकम नहीं है। इतने अलग-अलग सेक्टरों (जैसे फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर) में एक साथ उतरना एक बड़ा रिस्क है। कंपनी की भविष्य की वैल्यू पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि वे बिना रेवेन्यू वाली स्थिति से निकलकर बिजनेस को कैसे पटरी पर लाते हैं।
