Chadha Papers Share: लगा ₹7.94 करोड़ का झटका! जानिए क्यों आई गिरावट और क्या है ऑडिट रिपोर्ट में?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Chadha Papers Share: लगा ₹7.94 करोड़ का झटका! जानिए क्यों आई गिरावट और क्या है ऑडिट रिपोर्ट में?
Overview

Chadha Papers Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹7.94 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है, जबकि पिछले साल यानी FY25 में कंपनी ने ₹3.30 करोड़ का मुनाफा (Profit) कमाया था। कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में भी थोड़ी गिरावट आई है। वहीं, ऑडिटर्स ने बिलासपुर यूनिट में लीज (Lease) खत्म होने का मुद्दा भी उठाया है, जिस पर मैनेजमेंट रिन्यूअल की कोशिश कर रहा है।

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Chadha Papers का FY26 में कैसा रहा प्रदर्शन?

Chadha Papers Limited ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में ₹7.94 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) रिपोर्ट किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹3.30 करोड़ के मुनाफे (Profit) से एक बड़ा उलटफेर है। कंपनी के ऑपरेशंस से होने वाले रेवेन्यू (Revenue) में भी 2.55% की मामूली गिरावट आई है, जो FY26 में ₹500.22 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹513.34 करोड़ था।

FY26 के लिए कंपनी की टोटल इनकम ₹502.63 करोड़ रही, वहीं टोटल एक्सपेंस (Expenses) ₹512.78 करोड़ दर्ज किए गए, जिसके चलते यह नेट लॉस हुआ है।

निवेशकों के लिए क्यों है यह खबर अहम?

मुनाफे से सीधे घाटे में आना निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, जो कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव को दर्शाता है। भले ही रेवेन्यू में गिरावट मामूली हो, लेकिन खर्चों को कंट्रोल न कर पाने की वजह से कंपनी बॉटम-लाइन पर घाटा झेल रही है। इसके अलावा, ऑडिटर की तरफ से लीज खत्म होने का मामला सामने आना एक ऑपरेशनल रिस्क (Operational Risk) की ओर इशारा करता है, जिस पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

पिछली बार क्या था हाल?

अगर पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) की बात करें, तो Chadha Papers ने ₹513.34 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹3.30 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था। कंपनी की बिलासपुर यूनिट में जमीन का एक हिस्सा, जो 1991 से 30 साल के लिए लीज पर था, अब खत्म हो चुका है।

अब आगे क्या?

निवेशक कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने और कॉस्ट स्ट्रक्चर को मैनेज करने की स्ट्रेटेजी पर बारीकी से नजर रखेंगे। बिलासपुर यूनिट की जमीन की लीज रिन्यू होना भी ऑपरेशनल कंटीन्यूटी (Operational Continuity) के लिए बहुत जरूरी है। मैनेजमेंट ने कहा है कि वे रिन्यूअल के लिए कोशिशें कर रहे हैं और उन्हें अभी तक कोई इविक्शन नोटिस (Eviction Notice) नहीं मिला है।

किन रिस्क पर ध्यान दें?

सबसे बड़ा रिस्क बिलासपुर यूनिट में ऑपरेशनल डिस्टर्बेंस (Operational Disturbance) का है, अगर लीज रिन्यूअल सफलतापूर्वक नहीं होता है। वहीं, इनकम के मुकाबले लगातार बढ़ते एक्सपेंस प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बनाए रख सकते हैं।

ऑडिटर की खास टिप्पणी

कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर्स (Statutory Auditors) ने बिलासपुर (रामपुर) यूनिट में फैक्ट्री की जमीन के एक हिस्से की लीज खत्म होने को लेकर 'Emphasis of Matter' यानी खास जोर देने वाला बिंदु बताया है। यह 30 साल की लीज 1991 में शुरू हुई थी और अब समाप्त हो गई है। मैनेजमेंट ने भरोसा दिलाया है कि वे लीज रिन्यूअल के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं और उन्हें कोई बेदखली नोटिस नहीं मिला है, जिससे किसी बड़े ऑपरेशनल इंपैक्ट (Operational Impact) की उम्मीद नहीं है।

महत्वपूर्ण आंकड़े:

31 मार्च 2026 को समाप्त वर्ष के लिए:

  • रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations): ₹500.22 करोड़
  • टोटल इनकम (Total Income): ₹502.63 करोड़
  • टोटल एक्सपेंस (Total Expenses): ₹512.78 करोड़
  • नेट लॉस (Net Loss): ₹7.94 करोड़
  • ईपीएस (EPS): (₹7.78)

31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए:

  • रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations): ₹513.34 करोड़
  • टोटल इनकम (Total Income): ₹522.82 करोड़
  • टोटल एक्सपेंस (Total Expenses): ₹517.97 करोड़
  • नेट प्रॉफिट (Net Profit): ₹3.30 करोड़
  • ईपीएस (EPS): ₹3.24

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.