Century Plyboards (India) Ltd की 45वीं AGM में निवेशकों ने मैनेजमेंट के सभी **11** प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगा दी है। कंपनी को अब **₹5,000 करोड़** तक की उधारी लेने की छूट मिल गई है, जो भविष्य के विस्तार के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
AGM में बड़े फैसले
कंपनी ने अपनी 45वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में सभी 11 प्रस्तावों को मंजूरी दिलाकर अपनी रणनीतिक दिशा साफ कर दी है। इसमें फाइनेंशियल स्टेटमेंट को अपनाने और डिविडेंड के ऐलान के साथ-साथ फंड जुटाने की क्षमता को भी मजबूती दी गई है।
लीडरशिप में निरंतरता
शेयरधारकों ने पुरानी लीडरशिप पर भरोसा जताते हुए अगले 5 वर्षों के लिए प्रमुख नियुक्तियों पर अपनी सहमति दी है:
- संजय अग्रवाल: CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर (2026-2031)
- अजय बलदावा: एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर-टेक्निकल (2026-2031)
- निकिता बंसल: एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (2027-2032)
फंड और विस्तार की योजना
कंपनी अब कंपनी एक्ट की धारा 180(1)(c) और 180(1)(a) के तहत ₹5,000 करोड़ तक की उधारी ले सकेगी और अपनी संपत्तियों पर चार्ज क्रिएट कर सकेगी। इसके अलावा, निकिता बंसल और केशव भजांका के रेम्यूनरेशन में भी बदलाव को मंजूरी दी गई है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह कदम साफ तौर पर संकेत देता है कि Century Plyboards आने वाले समय में बड़े कैपिटल एक्सपेंशन (CapEx) या ऑपरेशनल स्केल को बढ़ाने की तैयारी में है। उधारी की बढ़ी हुई सीमा से कंपनी को बाजार में आक्रामक रूप से काम करने के लिए जरूरी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिल गई है।
