Century Plyboards Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी का रेवेन्यू ₹5,397 Cr पार, प्रॉफिट में **44%** का उछाल

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Century Plyboards Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी का रेवेन्यू ₹5,397 Cr पार, प्रॉफिट में **44%** का उछाल

Century Plyboards ने वितीय साल 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में **19.2%** का इजाफा हुआ और यह ₹5,397 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में **44.2%** की जोरदार तेजी दर्ज की गई है।

Century Plyboards का दमदार प्रदर्शन

Century Plyboards (India) Ltd. ने वितीय साल 2025-26 के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 19.2% बढ़कर ₹5,397.18 करोड़ रहा, जो पिछले वितीय साल के ₹4,527.80 करोड़ की तुलना में काफी ज्यादा है।

मुनाफे में 44% की छलांग

मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी ने निवेशकों को खुश कर दिया है। नेट प्रॉफिट (PAT) में 44.2% की शानदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹268.33 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले साल यह ₹186.08 करोड़ था। इसके अलावा, EBITDA में भी 33.0% का उछाल देखा गया और यह ₹660.64 करोड़ रहा।

क्यों है यह अहम?

ये नतीजे Century Plyboards के लिए मजबूत बिजनेस मोमेंटम को दर्शाते हैं, खासकर एक चुनौतीपूर्ण सेक्टर में। रेवेन्यू और PAT में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी, साथ ही कंपनी की विस्तार योजनाएं, भविष्य में कंपनी के प्रदर्शन और मार्केट में उसकी पोजिशन को लेकर एक पॉजिटिव संकेत दे रही हैं।

भविष्य की योजनाएं

कंपनी अब बड़े विस्तार की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश में एक नई ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर करीब ₹1,100 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, ओडिशा में भी एक नई ग्रीनफील्ड सुविधा स्थापित करने की योजना है, जिस पर करीब ₹500 करोड़ का निवेश होगा। कंपनी अपनी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए SAP S/4HANA के साथ डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर भी काम कर रही है।

किन जोखिमों पर नजर?

वुड पैनल सेक्टर में धीमी मांग, बढ़ती ब्याज दरें और कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। हाल ही में, कंपनी की एक सब्सिडियरी ने HDFC Bank के साथ फाइनेंशियल कोवेनेंट्स का उल्लंघन किया था, हालांकि उन्हें वेवर (waiver) मिल गया था।

Peer Comparison

Century Plyboards लगातार दो सालों से वुड पैनल सेक्टर में अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन कर रही है, जो कि इसकी मजबूत कॉम्पिटिटिव एज को दिखाता है।

अगले कदम क्या?

निवेशक अब उत्तर प्रदेश और ओडिशा में नई ग्रीनफील्ड परियोजनाओं की प्रगति और उनके कार्यान्वयन पर बारीकी से नजर रखेंगे, साथ ही इन नई कैपेसिटीज के एफिशिएंट स्थिरीकरण पर भी ध्यान देंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.