Century Enka का बड़ा ऐलान! बोर्ड ने 110% डिविडेंड को मंजूरी दी, नए ऑडिटर भी नियुक्त

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AuthorNeha Patil|Published at:
Century Enka का बड़ा ऐलान! बोर्ड ने 110% डिविडेंड को मंजूरी दी, नए ऑडिटर भी नियुक्त
Overview

Century Enka लिमिटेड के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों को मंजूरी दे दी है और **110%** यानी **₹11 प्रति शेयर** के डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके साथ ही, कंपनी ने नए ऑडिटर की नियुक्ति और एमडी (MD) और सीईओ (CEO) के पद पर भी बड़ा बदलाव किया है।

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Century Enka के बोर्ड ने FY26 नतीजों को दी मंजूरी, शेयरधारकों को मिलेगा शानदार डिविडेंड!

Century Enka लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों को हरी झंडी दे दी है। सबसे बड़ी खबर यह है कि कंपनी ने अपने शेयरधारकों को 110% का बंपर डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है, जो कि ₹11 प्रति इक्विटी शेयर के बराबर है।

जानिए बोर्ड मीटिंग में क्या हुए बड़े फैसले

21 मई, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में Century Enka लिमिटेड के डायरेक्टर्स ने तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों को फाइनल किया। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा डिविडेंड और कंपनी के मैनेजमेंट से जुड़े अहम फैसले लेना था। नतीजों के साथ ही, बोर्ड ने 110% डिविडेंड देने की सिफारिश की है।

इसके अलावा, शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, M/s. Singhi & Co., चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को अगले 5 सालों के लिए कंपनी का नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) नियुक्त करने को भी मंजूरी दे दी गई है। वहीं, श्री सुरेश सोदानी को मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के पद पर फिर से नियुक्त किया गया है।

शेयरधारकों को इनाम और बेहतर गवर्नेंस

110% डिविडेंड का ऐलान कंपनी की मजबूत कमाई और शेयरधारकों को पुरस्कृत करने की मंशा को दिखाता है। नए ऑडिटर, M/s. Singhi & Co., जो भारत की सबसे बड़ी ऑडिट फर्मों में से एक है और 150 से अधिक लिस्टेड कंपनियों को सेवाएं देती है, की नियुक्ति से कंपनी के फाइनेंशियल सिस्टम में पारदर्शिता और मजबूती आएगी। साथ ही, MD & CEO के पद पर श्री सोदानी की पुनः नियुक्ति नेतृत्व में स्थिरता का संकेत देती है।

एक्साइज ड्यूटी का मामला अभी भी लंबित

हालांकि, ऑडिटर की रिपोर्ट में एक 'Emphasis of Matter' यानी 'महत्वपूर्ण बिंदु' पर विशेष ध्यान दिलाया गया है। यह बिंदु सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक पुराने एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) की मांग से जुड़ा है। मूल मांग ₹22,927 लाख थी, जिसे बाद में ₹730 लाख कर दिया गया था। कंपनी ने ₹730 लाख की राशि बतौर प्रोटेस्ट (Protest) जमा कर दी है, लेकिन कानूनी सलाह का इंतजार करते हुए कोई प्रोविजन (Provision) नहीं बनाया गया है।

कानूनीThe fight is on

यह एक्साइज ड्यूटी डिमांड पिछले फाइनेंशियल पीरियड्स से संबंधित है। कंपनी इस मांग का विरोध कर रही है और मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है। ऑडिटर का इस बिंदु पर जोर देना इसके महत्व और संभावित वित्तीय असर को दर्शाता है, खासकर अगर फैसला कंपनी के खिलाफ आता है।

शेयरधारकों और मैनेजमेंट के लिए अगले कदम

शेयरधारक अपनी आने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में M/s. Singhi & Co. की ऑडिटर के तौर पर नियुक्ति पर वोट करेंगे। कंपनी जरूरी मंजूरी मिलने पर डिविडेंड का भुगतान शुरू करेगी। वहीं, मैनेजमेंट एक्साइज ड्यूटी से जुड़े कानूनी मामले को आगे बढ़ाएगा।

संभावित वित्तीय जोखिम

यहां सबसे बड़ा जोखिम एक्साइज ड्यूटी की मांग से जुड़ा चल रहा लिटिगेशन (Litigation) है। यदि सुप्रीम कोर्ट का फैसला कंपनी के पक्ष में नहीं आता है, तो यह एक बड़ा वित्तीय बोझ बन सकता है।

इंडस्ट्री प्रैक्टिस

हालांकि अलग-अलग कंपनियों की डिविडेंड पॉलिसी भिन्न होती है, 110% का डिविडेंड आम तौर पर एक मजबूत रिटर्न माना जाता है। लिस्टेड कंपनियां कॉरपोरेट गवर्नेंस और फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी को बेहतर बनाने के लिए बड़ी और स्थापित ऑडिट फर्मों को नियुक्त करना एक आम बात है।

समय-सीमा और अवधि

फाइनेंशियल नतीजे 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए साल के लिए हैं। डिविडेंड की सिफारिश FY26 के लिए है। ऑडिटर की नियुक्ति 5 सालों के लिए होगी, जो 60वीं AGM के अंत से 65वीं AGM तक प्रभावी रहेगी।

निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें

निवेशकों को एक्साइज ड्यूटी की मांग से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मामले के नतीजे पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, कंपनी के भविष्य के फाइनेंशियल परफॉरमेंस और डिविडेंड की घोषणाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.