Century Enka के FY26 नतीजे जारी, डिविडेंड में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
Century Enka के डायरेक्टर्स बोर्ड ने 21 मई, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2026 के नतीजों को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने पिछले साल के ₹10 प्रति इक्विटी शेयर के मुकाबले इस बार ₹11 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड का प्रस्ताव रखा है।
वित्तीय वर्ष 2026 के लिए, कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड आय ₹1,74,733 लाख रही, जिसमें ₹10,084 लाख का टैक्स के बाद मुनाफा (Profit After Tax) शामिल है। प्रति शेयर आय (EPS) ₹46.15 दर्ज की गई।
वहीं, 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में, कंसोलिडेटेड कुल आय ₹49,458 लाख थी, और मुनाफा ₹3,940 लाख रहा।
डिविडेंड में बढ़ोतरी क्यों मायने रखती है?
डिविडेंड में यह बढ़ोतरी कंपनी के मैनेजमेंट के वित्तीय स्वास्थ्य और भविष्य की संभावनाओं को लेकर भरोसे को दर्शाती है। ऑडिटर्स की तरफ से मिली बिना किसी आपत्ति वाली राय (Unmodified Audit Opinion) शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग में पारदर्शिता को दिखाता है।
निवेशकों को किन बड़े जोखिमों पर नज़र रखनी चाहिए?
निवेशकों को कंपनी से जुड़े कानूनी और नियामक चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए। सबसे बड़ा जोखिम सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक अपील से जुड़ा है, जो ₹22,927 लाख की एक्साइज मांग से संबंधित है। हालांकि, इसे बाद में संशोधित करके ₹730 लाख (प्लस ब्याज और पेनाल्टी) कर दिया गया था। कंपनी ने यह राशि विरोध के तहत जमा कर दी है।
इसके अलावा, कंपनी ने ₹186 लाख को 'नए लेबर कोड्स का वैधानिक प्रभाव' (Statutory Impact of New Labour Codes) के तौर पर दर्ज किया है। यह राशि पिछली सेवाओं की लागत से संबंधित है, जो बदली हुई वेतन परिभाषाओं और बढ़े हुए लाभों के कारण है।
आगे की राह
FY26 में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत नजर आ रहा है, लेकिन एक्साइज विवाद का समाधान और नए लेबर कोड्स का असर आगे चलकर महत्वपूर्ण साबित होगा। निवेशकों को एक्साइज मांग से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट की अपील की प्रगति और नए लेबर कोड्स के अनुपालन पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी की रणनीतिक पहलें और आधुनिकीकरण के प्रयास भी देखने लायक होंगे।
