Centum Electronics ने दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹22.81 करोड़** का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि रेवेन्यू **₹311.82 करोड़** रहा है। इसके साथ ही बोर्ड ने अपनी कर्ज लेने की सीमा को **₹1,000 करोड़** तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। इस दौरान कंपनी का बेसिक ईपीएस (EPS) ₹15.45 दर्ज किया गया है। वित्तीय नतीजों के अलावा, कंपनी ने अपने RSU Plan 2021 के तहत 1,333 इक्विटी शेयरों का आवंटन भी पूरा किया है।
कर्ज सीमा बढ़ाने का बड़ा फैसला
कंपनी अपने ऑपरेशनल विस्तार और भविष्य की जरूरतों के लिए फंड जुटाने की तैयारी में है। बोर्ड ने कर्ज लेने की सीमा को मौजूदा ₹500 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ करने की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी अपनी चल और अचल संपत्तियों को गिरवी रखने का प्रस्ताव शेयरधारकों के सामने रखेगी। निवेशकों को अब शेयरधारकों की बैठक (EGM/AGM) का इंतजार रहेगा, जहां इस पर अंतिम मुहर लगेगी।
गवर्नेंस में बदलाव
कंपनी ने अपनी ऑडिट कमिटी का पुनर्गठन (Reconstitution) भी किया है। अब यह कमिटी तरुण साहनी की अध्यक्षता में काम करेगी। साथ ही अप्पा राव वी मल्लावरपु, वी कविता दत्त और नए सदस्य रमेश रामदुरई को इस पैनल में शामिल किया गया है।
आगे क्या?
विश्लेषकों का मानना है कि कर्ज की सीमा बढ़ने से कंपनी की ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी तो बढ़ेगी, लेकिन निवेशकों को यह भी देखना होगा कि भविष्य में बढ़ता कर्ज कंपनी के इंटरेस्ट कवरेज रेशियो को कैसे प्रभावित करता है।
