Centum Electronics ने अपनी दमदार परफॉर्मेंस दिखाई है। कंपनी की ऑर्डर बुक अब **₹1800 करोड़** तक पहुंच गई है, जिसमें स्पेस और डिफेंस क्षेत्र के बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। कंपनी अब कंपोनेंट सप्लायर से सिस्टम इंटीग्रेटर बनने की राह पर है।
मजबूत डिफेंस पाइपलाइन और ग्रोथ
Centum Electronics ने अपनी स्ट्रैटेजिक रोडमैप को मजबूती दी है। Q1-FY27 में कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹105.5 करोड़ रहा है। कंपनी ने अब अपना ध्यान 'सब-सिस्टम सप्लायर' से बदलकर 'फुल-सिस्टम इंटीग्रेटर' की ओर कर लिया है।
बड़े प्रोजेक्ट्स की लिस्ट
कंपनी को हाल ही में कई बड़े ऑर्डर मिले हैं:
- ₹350 करोड़ का सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन ऑर्डर।
- HAL के साथ रडार सिस्टम डेवलपमेंट पार्टनरशिप।
- GRSE के लिए नेविगेशन सिस्टम की सप्लाई।
'डुअल-इंजन' रणनीति और रिस्क फैक्टर्स
कंपनी दो मोर्चों पर काम कर रही है: BTS (बिल्ड-टू-स्पेसिफिकेशन) जो हाई-मार्जिन बिजनेस है, और EMS (इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज) जो बड़े पैमाने पर काम करती है।
हालांकि, निवेशकों को एक बात का खास ख्याल रखना चाहिए—BTS सेगमेंट में वर्किंग कैपिटल साइकिल 225 से 350 दिनों की लंबी है। कंपनी की ग्रोथ सरकारी बजट और इंडिजनाइजेशन (स्वदेशीकरण) पर निर्भर है, इसलिए प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
कंपनी की ताकत
- 3 साल की रेवेन्यू CAGR: 25%।
- FY26 में एडजस्टेड ROCE: 21%।
- मैन्युफैक्चरिंग क्षमता: 3,50,000 स्क्वायर फीट।
