Centum Electronics के ऑर्डर बुक में तूफानी तेजी! ₹1,800 करोड़ के पार पहुंचा, रेवेन्यू भी बढ़ा

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Centum Electronics के ऑर्डर बुक में तूफानी तेजी! ₹1,800 करोड़ के पार पहुंचा, रेवेन्यू भी बढ़ा

Centum Electronics ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 11% बढ़कर **₹205 करोड़** हो गया है, वहीं ऑर्डर बुक में 31% की जबरदस्त उछाल के साथ यह **₹1,800 करोड़** पर पहुंच गई है। कंपनी ने विदेशी सब्सिडियरी का पुनर्गठन पूरा कर लिया है, जिससे कंसॉलिडेटेड PAT में एकमुश्त फायदा हुआ है और अब फोकस भारत के ESDM प्लेटफॉर्म पर और मजबूत होगा।

क्या हुआ?

Centum Electronics ने स्टैंडअलोन रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले 11% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब ₹205 करोड़ है। कंपनी का स्टैंडअलोन EBITDA ₹23 करोड़ रहा, जिसका मार्जिन 11.28% है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी की स्टैंडअलोन ऑर्डर बुक में 31% की जोरदार वृद्धि हुई और यह ₹1,800 करोड़ पर पहुंच गई। इसी तिमाही में ऑर्डर इनफ्लो में भी 70% का उछाल देखा गया, जो ₹360 करोड़ रहा। कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹106 करोड़ रहा, जिसमें विदेशी सब्सिडियरी से बाहर निकलने पर ₹94 करोड़ का एकमुश्त फायदा शामिल है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

ऑर्डर बुक में हुई यह भारी बढ़ोतरी Centum Electronics के लिए भविष्य में रेवेन्यू की मजबूत संभावनाओं का संकेत देती है। विदेशी सब्सिडियरी के पुनर्गठन का पूरा होना और उससे मिला एकमुश्त फायदा कंपनी को अपने मुख्य भारत-आधारित इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) प्लेटफॉर्म पर संसाधनों और प्रबंधन का ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देगा। माना जा रहा है कि इस रणनीतिक बदलाव से कैपिटल एलोकेशन की एफिशिएंसी बढ़ेगी और ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी।

पूरी कहानी

Centum Electronics पिछले कुछ समय से अपनी विदेशी ऑपरेशंस से बाहर निकलने की पुनर्गठन प्रक्रिया से गुजर रही थी। फ्रेंच कोर्ट ने इन विदेशी कंपनियों के अधिकांश ऑपरेटिंग बिजनेस और कर्मचारियों को सफल बोलीदाताओं, MBDA और SII को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी थी। इन एंटिटीज को 4 जून, 2024 से डीकंसॉलिडेट किया गया था। यह कदम ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करने और भारतीय बाजार पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति का हिस्सा है।

अब क्या बदलेगा?

विदेशी पुनर्गठन पूरा होने के साथ, Centum Electronics अब अपने भारत ESDM बिजनेस के विस्तार के लिए पूरी तरह से समर्पित हो सकेगी। कंपनी ने एक आत्मविश्वास भरा आउटलुक दिया है, जिसमें FY27 और FY28 में अपने भारत बिजनेस के लिए 25% से अधिक सालाना रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखा गया है। सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग वर्टिकल, जो एक प्रमुख ग्रोथ एरिया है, अगले 1-2 वर्षों में रेवेन्यू को दोगुना या तिगुना करने की उम्मीद है।

ध्यान रखने योग्य जोखिम

कंपनी के बिल्ड-टू-स्पेसिफिकेशन (BTS) बिजनेस में कुछ अस्थिरता देखी जा सकती है, जिससे तिमाही रेवेन्यू और मार्जिन में उतार-चढ़ाव आ सकता है। निवेशकों को अल्पकालिक तिमाही नतीजों के बजाय पूरे साल के प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, डिफेंस और स्पेस सेक्टर में मजबूत होने के बावजूद, Centum को ब्रॉड इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) में वैश्विक कंपनियों, खासकर दक्षिण पूर्व एशिया की कंपनियों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को BTS बिजनेस सेगमेंट के एग्जीक्यूशन, सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग वर्टिकल के स्केल-अप और भारत बिजनेस के लिए 25% से अधिक रेवेन्यू ग्रोथ के लक्ष्य को हासिल करने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। मैनेजमेंट द्वारा EBITDA मार्जिन को 13% से ऊपर लाने की दिशा में प्रगति को ट्रैक करना भी महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.