इंफ्रा सेक्टर की दिग्गज कंपनी Ceigall India ने FY26 के नतीजों में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने ₹4,022.40 करोड़ का रेवेन्यू और ₹308.92 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में इंटरनल कंट्रोल को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
मुनाफे और कामकाज की स्थिति
Ceigall India ने FY26 के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹3,436.73 करोड़ से बढ़कर ₹4,022.40 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹0.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
क्यों है चिंता की बात?
नतीजों के बीच ऑडिटर की टिप्पणी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। Q3 FY26 में ₹8.97 करोड़ की एक धोखाधड़ी (bogus purchase) का मामला सामने आया था, जिसमें कुछ कर्मचारियों और वेंडर्स की मिलीभगत पाई गई थी। हालांकि, कंपनी का दावा है कि पूरी रकम रिकवर कर ली गई है और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की गई है, लेकिन यह मामला इंटरनल ऑडिट सिस्टम पर सवाल जरूर उठाता है।
ऑर्डर बुक और भविष्य की राह
कंपनी के पास वर्तमान में ₹18,554.29 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसमें हाइवे और ब्रिज प्रोजेक्ट्स का हिस्सा 72% है। कंपनी अब रिन्यूएबल एनर्जी में भी उतर चुकी है और 220 MW का सोलर प्रोजेक्ट शुरू किया है।
मुख्य आंकड़े (FY26)
- EBITDA: ₹585.40 करोड़
- EPS: ₹17.73
- Book-to-Bill Ratio: 4.8x
अब निवेशकों की नजर कंपनी की आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर होगी, जहां इंटरनल कंट्रोल को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदमों पर स्पष्टता मिल सकती है।
