Ceenik Exports (India) Ltd ने अपने पुराने टेक्सटाइल बिजनेस को पूरी तरह बंद कर अब प्रोपराइटरी डेरिवेटिव ट्रेडिंग और रियल एस्टेट की राह पकड़ ली है। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹9.41 करोड़** हो गया है, जबकि कुल इनकम में **86.5%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
भारी नुकसान और स्ट्रैटेजिक बदलाव
कंपनी ने 24 सितंबर, 2026 को अपनी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) बुलाई है। फिलिंग के अनुसार, 1 अप्रैल, 2025 से कंपनी ने अपने पुराने गारमेंट और टेक्सटाइल ऑपरेशंस को पूरी तरह से बंद कर दिया है। अब इसका पूरा फोकस डेरिवेटिव ट्रेडिंग और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स पर है।
फाइनेंशियल्स पर दबाव
इस बिजनेस मॉडल के बदलाव का असर नतीजों पर साफ दिख रहा है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹16.02 करोड़ से गिरकर महज ₹2.16 करोड़ रह गया है। टेक्सटाइल बिजनेस से बाहर निकलने की लागत और ट्रेडिंग में उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹9.41 करोड़ पर पहुंच गया है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और जोखिम
कंपनी के ऑडिटर्स ने कुछ गंभीर सवाल उठाए हैं। ट्रेड रिसीवेबल्स और पेबल्स के लिए कोई लिखित कन्फर्मेशन मौजूद नहीं है, जिससे वित्तीय आंकड़ों में फेरबदल की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा, डेरिवेटिव सेगमेंट में लगातार हो रहे नुकसान कंपनी की कैपिटल एलोकेशन के लिए एक बड़ी चुनौती है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस में सुधार
कंपनी अब अपनी लीडरशिप को भी बदल रही है। श्री नितिन नारायण हिंगोरानी को डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है, वहीं M/s Dilip Swarnkar & Associates को 2030 तक के लिए सेक्रेटेरियल ऑडिटर बनाया गया है। साथ ही, कंपनी ने 2015-2018 के पुराने नॉन-कम्प्लायंस मामलों के लिए MCA को ₹1.50 लाख का जुर्माना भी भरा है।
