Carraro India Limited पर कस्टम विभाग ने शिकंजा कस दिया है। कंपनी को **₹15.25 करोड़** के बकाया IGST और **₹5 करोड़** की पेनल्टी समेत कुल **₹20 करोड़** से ज्यादा का डिमांड ऑर्डर मिला है, जिसे कंपनी अब CESTAT में चुनौती देगी।
क्या है पूरा मामला?
कस्टम कमिश्नर (नवा शेवा) ने 3 सितंबर, 2026 को Carraro India के खिलाफ यह आदेश जारी किया है। यह मामला सितंबर 2025 में जारी किए गए एक 'शो-कॉज नोटिस' से जुड़ा है, जो मुख्य रूप से इम्पोर्ट किए गए सामानों के क्लासिफिकेशन (Classification) को लेकर है। अधिकारियों ने ₹15.25 करोड़ के डिफरेंशियल IGST की मांग की है, साथ ही कस्टम्स एक्ट की धारा 114AA के तहत ₹5 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है।
कंपनी का अगला कदम क्या होगा?
फिलहाल कंपनी ने साफ कर दिया है कि उनके ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी ने अपनी लीगल टीम के हवाले से कहा है कि उनके पास मामले को साबित करने के लिए मजबूत तर्क हैं और वे इस फैसले को Customs, Excise and Service Tax Appellate Tribunal (CESTAT) में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों के लिए यह एक रेगुलेटरी चुनौती है। यदि अपील के दौरान फैसला कंपनी के हक में नहीं आता है, तो कंपनी को ब्याज समेत ₹20 करोड़ से ज्यादा की बड़ी रकम चुकानी पड़ सकती है। इससे भविष्य में कंपनी की बैलेंस शीट पर असर पड़ने की आशंका बनी रहेगी। आगे चलकर CESTAT में होने वाली सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया की टाइमलाइन ही यह तय करेगी कि कंपनी को यह रकम भरनी होगी या उन्हें राहत मिलेगी।
