स्टैंडअलोन में मजबूती, पर ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग का लगा झटका
कैरोंडम यूनिवर्सल (CUMI) के शेयरधारकों के लिए Q4 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। जहां कंपनी के स्टैंडअलोन ऑपरेशंस ने ज़बरदस्त परफॉरमेंस दी, वहीं ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग के कारण कंसोलिडेटेड बेसिस पर ₹40.01 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया गया। यह घाटा मुख्य रूप से जर्मनी और दक्षिण अफ्रीका की सब्सिडियरीज में ₹134.57 करोड़ के असाधारण रीस्ट्रक्चरिंग और एसेट राइट-डाउन खर्चों के चलते हुआ।
स्टैंडअलोन में बंपर प्रॉफिट, रेवेन्यू भी बढ़ा
इसके विपरीत, CUMI के घरेलू (स्टैंडअलोन) बिजनेस ने शानदार वापसी की। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹122.44 करोड़ हो गया, जबकि स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 26.29% का उछाल आया और यह ₹894.75 करोड़ पर पहुंच गया। पूरे वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए, स्टैंडअलोन टोटल इनकम ₹3,201.04 करोड़ और स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹416.28 करोड़ रहा।
बढ़ता कर्ज और रूसी यूनिट की समस्या
कंसोलिडेटेड घाटे के साथ-साथ, कंपनी के कंसोलिडेटेड डेट में भी बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। FY25 में ₹95.35 करोड़ से बढ़कर FY26 में यह ₹279.19 करोड़ हो गया। रूसी सब्सिडियरी, VAW, से फंड वापस लाने में आ रही दिक्कतें (FY26 तक ₹297.11 करोड़ का रेस्ट्रिक्टेड कैश) भी एक बड़ा चैलेंज बनी हुई है। इन सब वजहों से निवेशकों को भविष्य की अनिश्चितताओं पर ध्यान देना होगा।
प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में स्थिति
एब्रेसिव्स (abrasives) और इंडस्ट्रियल सिरेमिक्स के क्षेत्र में, CUMI का मुकाबला सेंट-गोबेन ग्रुप की कंपनी ग्राइंडवेल नॉर्टन लिमिटेड (Grindwell Norton Ltd) जैसी कंपनियों से है, जिसने FY23 में ₹215.3 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया था। CUMI की मैनेजमेंट अब रीस्ट्रक्चरिंग से निकले नतीजों और इंटरनेशनल ऑपरेशंस को पटरी पर लाने पर फोकस करेगी।
