Caliber Mining and Logistics Ltd ने Coal India Limited के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट्स में डीजल प्राइस मुआवजे के तरीके को बदल दिया है। अब यह रिटेल पंप रेट की जगह बल्क डीजल कीमतों पर आधारित होगा, जो **8** माइनिंग कॉन्ट्रैक्ट्स पर लागू होगा।
माइनिंग कॉन्ट्रैक्ट्स में बड़ा सुधार
कंपनी ने अपने 8 प्रमुख माइनिंग कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए डीजल मुआवजे का नया मैकेनिज्म लागू किया है। यह बदलाव 20 मार्च 2026 से प्रभावी है। इस नए सिस्टम के तहत, टेंडर में तय की गई दरों से ऊपर होने वाले डीजल के दाम का 100% मुआवजा कंपनी को मिलेगा, जिसमें फिक्स्ड फॉर्मूले के बजाय अब स्टैंडर्ड कंजम्पशन नॉर्म्स का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस फैसले के मायने
यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ा 'डी-रिस्किंग' कदम माना जा रहा है। रिटेल पंप कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से अब मार्जिन पर दबाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि अब मुआवजा सीधे बल्क डीजल कीमतों से लिंक्ड है। कंपनी का मानना है कि यह नया तरीका पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा फायदेमंद है।
आगे क्या होगा?
- WCL और NCL: Western Coalfields Limited (WCL) के कॉन्ट्रैक्ट्स में यह बदलाव पहले ही हो चुका है, जबकि Northern Coalfields Limited (NCL) के साथ प्रक्रिया अभी जारी है।
- रिकॉन्सिलिएशन: पिछली अंतरिम पेमेंट्स (interim payments) का नए स्टैंडर्ड के आधार पर हिसाब होगा, जिससे कंपनी की रिसीवेबल्स में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।
- ध्यान देने वाली बात: निवेशकों को अब NCL की ओर से आधिकारिक नोटिस और इन बदलावों से कैश फ्लो पर पड़ने वाले असर को आने वाली तिमाही नतीजों में ट्रैक करना होगा।
