CMR Green Technologies ने अपनी 21वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का ऐलान कर दिया है, जो **30 सितंबर, 2026** को होगी। कंपनी शेयरधारकों से अपनी उधार (Borrowing) और निवेश की सीमा बढ़ाने के साथ-साथ डायरेक्टर्स की सैलरी और कमीशन में बदलाव के लिए मंजूरी मांगेगी।
21वीं AGM का बिगुल बज चुका है
कंपनी की 21वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को सुबह 11:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएगी। इसमें मुख्य रूप से कंपनी की भविष्य की वित्तीय रणनीतियों पर चर्चा होगी।
क्या है एजेंडा?
7 सितंबर, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। कंपनी अब अपनी ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी 'कंपनीज एक्ट, 2013' की सेक्शन 180 और सेक्शन 186 के तहत निवेश और उधार लेने की सीमा को और बढ़ाने का प्रस्ताव पेश करेगी।
इसके अलावा, टॉप लीडरशिप की सैलरी में भी बड़ा फेरबदल हो सकता है। इसमें मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मोहन अग्रवाल और होल-टाइम डायरेक्टर्स श्री अक्षय अग्रवाल और श्री राघव अग्रवाल का रेम्यूनरेशन (Remuneration) शामिल है। साथ ही, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के लिए परफॉरमेंस-लिंक्ड कमीशन का प्रस्ताव भी रखा गया है।
नए ऑडिटर्स की नियुक्ति
गवर्नेंस को और मजबूत करने के लिए बोर्ड ने M/s दीपक गोयल एंड एसोसिएट्स को अगले 5 साल (फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से 2030-31) के लिए सेक्रेटेरियल ऑडिटर नियुक्त किया है। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए M/s Ernst & Young, LLP को इंटरनल ऑडिटर के तौर पर चुना गया है।
निवेशकों के लिए सलाह
अब निवेशकों की निगाहें AGM नोटिस पर टिकी हैं, जिसमें उधार लेने की प्रस्तावित सीमा और सैलरी पैकेज का पूरा ब्योरा होगा। इन प्रस्तावों पर वोटिंग से यह साफ हो जाएगा कि कंपनी आने वाले समय में किस तरह अपनी फाइनेंशियल ग्रोथ को रफ्तार देगी।
