CMR Green Technologies ने अपने पहले सालाना नतीजों में दम दिखाया है। कंपनी का रेवेन्यू **29.56%** बढ़कर **₹8,640 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट **47.30%** की छलांग लगाकर **₹228.38 करोड़** पर पहुंच गया है।
ऑपरेशनल परफॉरमेंस की मजबूती
कंपनी ने शानदार वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की है। बिक्री में 24.40% की वृद्धि के साथ यह 4 लाख MT के पार पहुंच गई है। कंपनी के एल्युमीनियम और नॉन-एल्युमीनियम दोनों ही सेगमेंट में जोरदार तेजी देखी गई, जिससे कंपनी का EBITDA 50% बढ़कर ₹449.44 करोड़ पर पहुंच गया। इसकी मार्जिन में भी 70 bps का सुधार हुआ है, जो अब 5.20% है।
भविष्य की तैयारी और विस्तार
मौजूदा समय में कंपनी की 13 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी काम कर रही हैं। कंपनी का पूरा ध्यान अब अपनी कैपेसिटी बढ़ाने पर है। इसके लिए शूलगिरी (Shoolagiri) और बावल (Bawal) में नए प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनसे FY27 तक 1 लाख MT की अतिरिक्त क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। कंपनी ने तकनीक को आधुनिक बनाने के लिए XRT और LIBS सॉर्टिंग सिस्टम पर बड़ा दांव लगाया है।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
फिलहाल बोर्ड ने FY26 के लिए कोई भी डिविडेंड देने का फैसला नहीं किया है। कंपनी अपनी पूरी नकदी को बिजनेस के विस्तार और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन में लगा रही है।
रिस्क फैक्टर्स (Risks to watch)
ग्रोथ के साथ कुछ चुनौतियां भी बरकरार हैं। अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर से कड़ी प्रतिस्पर्धा और कमोडिटी की कीमतों में अस्थिरता का असर मार्जिन पर पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी से जुड़े कुछ पेंडिंग कस्टम्स और एक्साइज लिटिगेशन (Legal cases) पर निवेशकों की नजर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि इनका असर कंपनी की देनदारियों (Contingent liabilities) पर पड़ सकता है।
