CMI Ltd: दिवालिया प्रक्रिया के बीच बढ़े घाटे, कंपनी की नेटवर्थ पूरी तरह खत्म

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
CMI Ltd: दिवालिया प्रक्रिया के बीच बढ़े घाटे, कंपनी की नेटवर्थ पूरी तरह खत्म

CMI Ltd ने सितंबर 2025 तिमाही के लिए **₹4.79 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि रेवेन्यू गिरकर **₹14.96 करोड़** रह गया है। कंपनी फिलहाल कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत है और ऑडिटर्स ने दस्तावेजों की कमी के कारण रिपोर्ट पर 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है।

भारी वित्तीय संकट में कंपनी

कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही CMI Ltd की हालत लगातार खराब होती जा रही है। सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹4.79 करोड़ हो गया है, जो पिछली तिमाही में ₹1.29 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी जून तिमाही के ₹30.13 करोड़ से घटकर महज ₹14.96 करोड़ पर आ गया है।

ऑडिटर्स ने क्यों जताई चिंता?

कंपनी के ऑडिटर्स 'कुमार प्रमोद एंड एसोसिएट्स' ने इस वित्तीय रिपोर्ट पर 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' जारी किया है। इसका मतलब यह है कि दस्तावेजों (जैसे फिक्स्ड एसेट रजिस्टर और बैंक कन्फर्मेशन) के अभाव में ऑडिटर्स वित्तीय आंकड़ों की पुष्टि करने में असमर्थ हैं। फिलहाल कंपनी के बोर्ड के अधिकार सस्पेंड हैं और पूरी कमान रेजोल्यूशन प्रोफेशनल दीपक मैनी के पास है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

कंपनी का संकट गहरा है, जिसके चलते एक्यूमुलेटेड लॉस (accumulated losses) ₹168.64 करोड़ तक पहुंच चुका है। यह कंपनी की पेड-अप कैपिटल ₹16.03 करोड़ के मुकाबले कंपनी की नेटवर्थ को पूरी तरह खत्म कर चुका है। इसके अलावा, Ind AS अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स का पालन न करना और अनवेरिफाइड टैक्स लायबिलिटीज कंपनी के भविष्य पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती हैं। निवेशकों को अब रेजोल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा आने वाले अपडेट्स और क्रेडिटर क्लेम्स की खबरों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.