Brahmaputra Infrastructure का FY26 रिपोर्ट कार्ड
Brahmaputra Infrastructure Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में 50% का इजाफा हुआ है, जो पिछले साल के ₹242 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹365 करोड़ हो गया है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दोगुना होकर ₹59.61 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹29.89 करोड़ था। प्रति शेयर आय (EPS) में भी करीब 99% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹20.54 पर रही।
क्यों है ये अहम?
ये नतीजे Brahmaputra Infrastructure के लिए मजबूत ग्रोथ और बेहतर मुनाफे की ओर इशारा करते हैं। रेवेन्यू और PAT में यह बड़ी बढ़ोतरी, साथ ही EBITDA मार्जिन का 20.03% से बढ़कर 22.83% होना, कंपनी की शानदार ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दिखाता है। इतना ही नहीं, ₹1,600 करोड़ का बड़ा ऑर्डर बुक भविष्य के रेवेन्यू के लिए एक मजबूत विजिबिलिटी प्रदान करता है।
कंपनी की रणनीति
FY26 में कंपनी ने मुश्किलों का सामना करते हुए, प्रोएक्टिव प्लानिंग के ज़रिये अच्छा काम किया। कंपनी की मुख्य रणनीति इसके EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) सेगमेंट पर केंद्रित है, जिससे 90% रेवेन्यू आता है। रियल एस्टेट सेगमेंट, जो थोड़ा छोटा है लेकिन हाई-मार्जिन वाला है, 10% रेवेन्यू में योगदान देता है। Brahmaputra Infrastructure पूर्वोत्तर भारत में अपनी विशेषज्ञता का भी लाभ उठाती है।
आगे क्या?
कंपनी को उम्मीद है कि वह FY27 में अपने मौजूदा ₹1,600 करोड़ के ऑर्डर बुक का 60% पूरा कर लेगी, और बाकी 40% FY28 में जाएगा। कंपनी के पास ₹3,000 करोड़ का बिड पाइपलाइन भी है और इस साल ₹7,000-8,000 करोड़ के नए ऑर्डर आने की उम्मीद है। कंपनी 2014 के एक पुराने प्रमोटर शेयर प्लेज (pledge) को सुलझाने पर भी काम कर रही है।
किन बातों का ध्यान रखें?
एक बड़ी चिंता 2014 के प्रमोटर शेयर प्लेज को लेकर है, हालांकि मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यह 1-2 साल में सुलझ जाएगा। पूर्वोत्तर भारत में कंपनी का प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा निर्भर होना, क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर एक जोखिम पैदा करता है। इसके अलावा, नए EPC ऑर्डर को रेवेन्यू में बदलने में डिज़ाइन फेज के कारण 6-7 महीने का समय लग सकता है।
खास आंकड़े
मार्च 2026 तक, Brahmaputra Infrastructure का ऑर्डर बुक ₹1,600 करोड़ था, जो FY26 के रेवेन्यू का लगभग 4.46 गुना है। यह ऑर्डर बुक बिल्डिंग्स (₹405 करोड़), सड़कें और पुल (₹498 करोड़), रेलवे और सुरंगें (₹400 करोड़), और नदी संरक्षण (₹250 करोड़) जैसे सेगमेंट्स में बंटा हुआ है।
आगे क्या देखना है
निवेशक खासकर FY27 में ऑर्डर बुक के 60% एग्जीक्यूशन पर नजर रखेंगे। प्रमोटर शेयर प्लेज के समाधान में प्रगति और प्रतिस्पर्धी EPC बाजार में कंपनी की ग्रोथ बनाए रखने की क्षमता महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
