Brady & Morris Engineering के लिए FY26 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹5.57 करोड़** रह गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा **₹24.01 करोड़** था। कैश बचाने के लिए बोर्ड ने डिविडेंड न देने का फैसला किया है और विस्तार के लिए **₹300 करोड़** की बोरिंग फैसिलिटी की मंजूरी मांगी है।
बिगड़ते फाइनेंशियल नंबर्स
कंपनी के सालाना नतीजों के अनुसार, ग्रॉस इनकम में भी गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले साल के ₹90.90 करोड़ से घटकर इस साल ₹75.90 करोड़ पर आ गई है। इसके साथ ही, अर्निंग पर शेयर (EPS) में भी बड़ी गिरावट दिखी है, जो पिछले साल के ₹106.73 से घटकर महज ₹24.78 रह गया है।
क्यों आई कमजोरी?
मैनेजमेंट का कहना है कि ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव और मुश्किल मार्केट कंडीशंस के चलते प्रदर्शन पर असर पड़ा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले साल का मुनाफा ₹19.32 करोड़ के एक्सेप्शनल गेन के कारण बढ़ा हुआ था, जो इस साल नहीं है। कंपनी अब अपनी ग्रोथ के लिए W. H. Brady And Company Limited से ₹300 करोड़ तक की बोरिंग और गारंटी फैसिलिटी लेने की तैयारी कर रही है।
मैनेजमेंट में बदलाव और AGM की तारीख
बोर्ड ने दिवंगत डायरेक्टर Ms. Mita Jha की जगह Mrs. Chitralekha Hiremath को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया है। साथ ही, Mr. Sanyo Rodrigues को नया कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर बनाया गया है। कंपनी अपनी 80वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 26 सितंबर, 2026 को आयोजित करेगी।
आगे की राह और रिस्क
महंगाई और कच्चे माल की बढ़ती लागत कंपनी के लिए बड़ा रिस्क बनी हुई है। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी की डेट-सर्विसिंग कैपेबिलिटी और ऑपरेशनल रिकवरी पर बारीक नजर रखनी होगी।
