Borosil Scientific ने सितंबर 2026 में खत्म हुई छमाही के लिए **₹9.66 करोड़** का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के घाटे से एक बड़ी रिकवरी है। कंपनी ने भरूच प्लांट में **₹70 करोड़** के निवेश की भी घोषणा की है।
मुनाफे की राह पर कंपनी
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल नतीजों में जबरदस्त सुधार दिखाया है। पिछले साल इसी अवधि में जहां कंपनी को ₹1.36 करोड़ का नुकसान हुआ था, वहीं इस साल यह ₹9.66 करोड़ के प्रॉफिट पर पहुंच गई है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी बढ़कर ₹221.72 करोड़ रहा है।
₹70 करोड़ का 'बैकवर्ड इंटीग्रेशन' दांव
कंपनी ने अपने भरूच प्लांट में एक नया 'बोरोसिलिकेट 3.3 ग्लास टयूबिंग फर्नेस' लगाने का फैसला किया है। ₹70 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना की क्षमता 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी और इसके मार्च 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है। यह कदम कंपनी को आयात पर निर्भरता कम करने और मैन्युफैक्चरिंग लागत को ऑप्टिमाइज करने में मदद करेगा।
बदल गया रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर
कंपनी ने अपने कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सेगमेंट रिपोर्टिंग को रीऑर्गेनाइज किया है। अब कंपनी अपना प्रदर्शन तीन हिस्सों में दिखाएगी:
- साइंटिफिक (लैबोरेटरी ग्लास, इक्विपमेंट और प्रोसेस सिस्टम)
- प्राइमरी फार्मा पैकेजिंग
- कंज्यूमर ग्लासवेयर
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि ₹70 करोड़ के निवेश के लिए कंपनी कितना नया कर्ज लेती है, जो बैलेंस शीट पर असर डाल सकता है। साथ ही, साल 2028 तक की लंबी डेडलाइन के कारण प्रोजेक्ट में एग्जीक्यूशन रिस्क बना रहेगा।
