Borosil Renewables ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू में **22%** का शानदार इजाफा हुआ है। यह बढ़कर **₹405.69 करोड़** हो गया है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी के EBITDA में **53%** की जबरदस्त उछाल आई है, जो **₹142 करोड़** पर पहुंच गया है, और मार्जिन सुधरकर **35%** हो गए हैं। कंपनी अपनी क्षमता विस्तार (capacity expansion) पर भी तेजी से काम कर रही है और अब सोलर रूफटॉप बिजनेस में भी कदम रख चुकी है।
Detailed Coverage
Borosil Renewables का शानदार Q1 FY27 प्रदर्शन: रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन में मजबूती
Borosil Renewables ने वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने स्टैंडअलोन नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि (Q1 FY26) के ₹332.26 करोड़ की तुलना में 22% बढ़कर ₹405.69 करोड़ पर पहुंच गया है। यह प्रदर्शन कंपनी की मजबूत ग्रोथ को दर्शाता है।
मुनाफे (Profitability) में बड़ा उछाल
सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, बल्कि कंपनी की लाभप्रदता (profitability) में भी ज़बरदस्त सुधार देखा गया है। स्टैंडअलोन EBITDA 53% की छलांग लगाकर ₹142 करोड़ पर पहुंच गया है। नतीजतन, EBITDA मार्जिन पिछले साल की तिमाही के 27.9% से सुधरकर 35% हो गए हैं। यह कंपनी की परिचालन क्षमता (operational efficiency) को दिखाता है।
क्षमता का पूरा इस्तेमाल और नई राहें
कंपनी के प्लांट्स 1,000 टन प्रतिदिन (TPD) की पूरी क्षमता पर चल रहे हैं, और उत्पादन यील्ड पिछले साल की तिमाही की तुलना में 10% अधिक रही। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने हाल ही में एक सोलर-विंड हाइब्रिड कैप्टिव पावर प्लांट भी चालू किया है, जिससे सालाना लगभग ₹18 करोड़ की बचत होने की उम्मीद है, जो भविष्य में मुनाफे को और बढ़ाएगा।
विस्तार की ओर कदम और नया बिजनेस
Borosil Renewables अपनी 600 TPD क्षमता विस्तार योजना पर भी काम कर रही है, जिसके Q4 FY27 तक चालू होने की उम्मीद है। इससे बिक्री की मात्रा में लगभग 60% की वृद्धि होने का अनुमान है। कंपनी ने सोलर रूफटॉप बिजनेस में भी एंट्री की है, जिसका लक्ष्य FY27 में ₹36 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है। Q1 FY27 में इस सेगमेंट से ₹1.3 करोड़ का रेवेन्यू पहले ही आ चुका है।
ध्यान देने योग्य जोखिम (Risks to Watch)
निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी नजर रखनी चाहिए। 2027 में SG1 और SG2 फर्नेस का नियोजित रखरखाव (maintenance) एक बड़ा फैक्टर है, जिसमें प्रत्येक फर्नेस के लिए लगभग 90 दिनों का शटडाउन हो सकता है, जिससे उत्पादन वॉल्यूम में कमी आ सकती है। इसके अलावा, टॉप 10 ग्राहकों का वॉल्यूम में 65-68% का योगदान कंपनी के लिए कंसंट्रेशन रिस्क (concentration risk) पैदा करता है। सरकारी नीतियों में बदलाव या कस्टम ड्यूटी में उतार-चढ़ाव भी बिजनेस पर असर डाल सकते हैं।
