Bondada Engineering के खजाने में ₹1,338 करोड़ की डील! NTPC Renewable Energy से मिला बड़ा EPC कॉन्ट्रैक्ट

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AuthorNeha Patil|Published at:
Bondada Engineering के खजाने में ₹1,338 करोड़ की डील! NTPC Renewable Energy से मिला बड़ा EPC कॉन्ट्रैक्ट

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Bondada Engineering को NTPC Renewable Energy से **₹1,338 करोड़** का बड़ा EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह डील उत्तर प्रदेश में **250 MW** के सोलर प्लांट और बैटरी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के लिए है। इस प्रोजेक्ट के साथ कंपनी का ऑर्डर बुक बढ़कर **5.5 GWp** सोलर और **1.1 GWh** BESS तक पहुंच गया है।

NTPC Renewable Energy ने सौंपा ₹1,338 करोड़ का EPC कॉन्ट्रैक्ट

Bondada Engineering Ltd को NTPC Renewable Energy Limited से एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट के लिए अवार्ड लेटर (NOA) मिला है। इस प्रोजेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश के सीतापुर में 250 MW का सोलर पीवी प्लांट और 50 MW / 200 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) विकसित किया जाएगा।

इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल कीमत ₹1,338.03 करोड़ है, जिसमें GST भी शामिल है। कंपनी को अवार्ड लेटर मिलने की तारीख से 18 महीनों के अंदर इसे पूरा करना होगा।

क्यों है यह ऑर्डर अहम?

यह बड़ा ऑर्डर Bondada Engineering के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और इसने कंपनी के ऑर्डर बुक को काफी बढ़ाया है। अब कंपनी का सोलर EPC ऑर्डर बुक लगभग 5.5 GWp और BESS ऑर्डर बुक 1.1 GWh तक पहुंच गया है। इससे कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी (Revenue Visibility) बढ़ी है और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर, खासकर सोलर और स्टोरेज सॉल्यूशंस में उसकी स्थिति मजबूत हुई है।

कंपनी की पिछली कहानी

Bondada Engineering सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए EPC सर्विस मुहैया कराती है। कंपनी भारत के क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ते कदमों के साथ रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह अवार्ड एक बड़े पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) जैसे NTPC से काम हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आगे क्या?

अब कंपनी का फोकस इस प्रोजेक्ट को तय 18 महीने की समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर रहेगा। इसमें रिसोर्स जुटाना, प्रोक्योरमेंट और साइट पर कंस्ट्रक्शन गतिविधियां शामिल होंगी। इस प्रोजेक्ट के सफल समापन से आने वाली तिमाहियों में कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस (Financial Performance) में सकारात्मक योगदान की उम्मीद है।

जोखिम क्या हैं?

इस प्रोजेक्ट से जुड़े मुख्य जोखिमों में 18 महीने की समय-सीमा के भीतर काम पूरा करना, लागत में संभावित वृद्धि और क्लाइंट के प्रोजेक्ट शेड्यूल पर निर्भरता शामिल है। कंपनी को प्रोजेक्ट माइलस्टोन (Project Milestones) को पूरा करने के लिए रिसोर्स और सप्लाई चेन का कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करना होगा।

साथियों से तुलना

L&T Power Development, Sterling and Wilson Renewable Energy, और Adani Green Energy जैसी कंपनियां भी सोलर EPC और BESS स्पेस में सक्रिय हैं। हालांकि, NTPC जैसे PSU से इतना बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना Bondada की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।

किन बातों पर रखें नजर?

निवेशकों को प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन (Project Execution) में कंपनी की प्रगति, लागत प्रबंधन की क्षमता और भविष्य में मिलने वाले अन्य ऑर्डर्स पर नजर रखनी चाहिए। इस प्रोजेक्ट से होने वाली रेवेन्यू रिकग्निशन (Revenue Recognition) पर कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस से जुड़े अपडेट्स महत्वपूर्ण होंगे।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.