Blue Star ने FY26 के लिए **₹12,402 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **3.6%** ज़्यादा है। हालांकि, एकमुश्त खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट (PAT) में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट **6.22%** बढ़ा है और मार्जिन में भी सुधार हुआ है। कंपनी की ऑर्डर बुक **₹6,923 करोड़** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो भविष्य के लिए अच्छी संकेत दे रही है।
Blue Star FY26 नतीजे: रेवेन्यू में बढ़ोतरी, ऑर्डर बुक में रिकॉर्ड उछाल
Blue Star Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹11,967.65 करोड़ की तुलना में 3.63% बढ़कर ₹12,401.99 करोड़ रहा। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 6.22% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹930.41 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला, जो पिछले साल के 7.3% से बढ़कर 7.5% हो गया।
हालांकि, कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 10.82% घटकर ₹527.33 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹591.28 करोड़ था। यह गिरावट नए लेबर कोड लागू होने से जुड़े ₹38.83 करोड़ के एकमुश्त खर्चों के कारण आई है।
यह क्यों मायने रखता है?
बाजार की चुनौतियों, जैसे कि करेंसी में गिरावट और इनपुट लागत में बढ़ोतरी के बावजूद, स्थिर रेवेन्यू ग्रोथ और बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन कंपनी की मजबूती को दर्शाते हैं। ₹6,923.00 करोड़ की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक भविष्य के लिए मजबूत रेवेन्यू की संभावना दिखाती है। डेटा सेंटर, इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स में बढ़ती मांग इस ग्रोथ को बढ़ावा दे रही है।
कंपनी की रणनीति
Blue Star अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का विस्तार कर रही है और श्री सिटी और वाडा में अपनी उत्पादन इकाइयों का विस्तार पूरा कर चुकी है। कंपनी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और बढ़ती लागतों का भी सामना कर रही है।
आगे क्या?
मजबूत ऑर्डर बुक के साथ, Blue Star आने वाले वर्षों में लगातार रेवेन्यू जेनरेट करने के लिए अच्छी स्थिति में है। कंपनी ने FY26 के लिए ₹8.5 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
जोखिम
निवेशकों को पश्चिमी एशिया में चल रही भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं पर नजर रखनी होगी, जो अंतरराष्ट्रीय बिजनेस को प्रभावित कर सकती हैं। करेंसी में लगातार गिरावट और इनपुट लागत में बढ़ोतरी भविष्य के मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
