Bimetal Bearings के FY26 के नतीजे,
Bimetal Bearings Limited ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹296.98 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹239.08 करोड़ की तुलना में एक अच्छी बढ़त है। इस दौरान, कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹11.72 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹11.25 करोड़ था।
शेयरधारकों को मिला बड़ा तोहफा
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, 135% का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इसका मतलब है कि हर शेयर पर ₹13.50 का डिविडेंड मिलेगा। यह निवेशकों के लिए एक बड़ा रिटर्न है। कंपनी को Fraser & Ross LLP से क्लीन ऑडिट ओपिनियन भी मिला है, और कंपनी पर किसी भी तरह के लोन डिफॉल्ट का कोई रिकॉर्ड नहीं है, जो वित्तीय स्थिरता को दर्शाता है।
मुख्य बिज़नेस और विस्तार
Bimetal Bearings का मुख्य व्यवसाय इंजन बेयरिंग का निर्माण है। FY26 में इस सेगमेंट से ₹276.78 करोड़ का रेवेन्यू आया। कंपनी अपने इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट सर्विसेज सेगमेंट का भी विस्तार कर रही है, जिससे इस अवधि में ₹20.20 करोड़ का रेवेन्यू मिला है। यह कंपनी के बिज़नेस को डाइवर्सिफाई करने के प्रयासों को दिखाता है।
नए लेबर कोड का असर
कंपनी ने नए लेबर कोड के अनुसार अपनी कर्मचारी लाभ नीतियों को अपडेट किया है, जो 21 नवंबर, 2025 से प्रभावी हुए हैं। इसके कारण ₹0.50 करोड़ का पास्ट सर्विस कॉस्ट एडजस्टमेंट हुआ है, जिसका असर कर्मचारी लाभ व्यय पर पड़ेगा। निवेशक इन नीतिगत बदलावों के दीर्घकालिक प्रभाव पर नज़र रखेंगे।
सेक्टर का माहौल
ऑटो कंपोनेंट्स सेक्टर में एक प्रमुख कंपनी के तौर पर, Bimetal Bearings ऐसे माहौल में काम करती है जहाँ कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रतिस्पर्धा का दबाव रहता है। ऐसी कंपनियाँ अक्सर मुनाफे में स्थिर या बढ़त होने पर शेयरधारकों को रिवॉर्ड देने के लिए बड़े डिविडेंड का सहारा लेती हैं।
