Bihar Sponge Iron: कंपनी ने दिखाया मुनाफा, लेकिन ऑडिटर ने खोली पोल; निवेशकों के लिए बड़ा रिस्क

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bihar Sponge Iron: कंपनी ने दिखाया मुनाफा, लेकिन ऑडिटर ने खोली पोल; निवेशकों के लिए बड़ा रिस्क

Bihar Sponge Iron Limited ने FY26 में **₹11.33 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, हालांकि कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹245.48 करोड़** रह गया है। कंपनी ने Amalgam Steel & Power के साथ नया करार किया है, लेकिन ऑडिटर ने नतीजों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुनाफे का सच और ऑडिटर की चेतावनी

कंपनी ने सालाना नतीजों में ₹11.33 करोड़ का प्रॉफिट दिखाया है, जो पिछले साल के ₹10.40 करोड़ से अधिक है। लेकिन, कंपनी का रेवेन्यू ₹319.42 करोड़ (FY25) से गिरकर इस साल ₹245.48 करोड़ रह गया है। सबसे चौंकाने वाली बात ऑडिटर 'M/s Doogar & Associates' की टिप्पणी है।

ऑडिटर के मुताबिक, कंपनी ने ₹82.72 करोड़ का सरकारी सॉफ्ट लोन ब्याज और ₹2.15 करोड़ की कोयला पेनल्टी को अपने हिसाब-किताब में शामिल नहीं किया है। ऑडिटर का साफ कहना है कि अगर इन देनदारियों को शामिल किया जाता, तो कंपनी फायदे के बजाय भारी नुकसान में होती।

ऑपरेशंस में बदलाव और चुनौतियां

कंपनी ने मार्च 2026 में Vanraj Steels के हटने के बाद Amalgam Steel & Power के साथ नया एग्रीमेंट किया है। फिलहाल, कंपनी प्लांट रिनोवेशन के दौर से गुजर रही है।

निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)

कंपनी के सामने केवल वित्तीय देनदारियां ही नहीं, बल्कि कानूनी चुनौतियां भी बड़ी हैं:

  • इन्सॉल्वेंसी केस: Agarwal Coal Corporation और Gohil Enterprises की ओर से चल रही कानूनी कार्रवाई निवेशकों के लिए सिरदर्द बनी हुई है।
  • पुराने विवाद: पूर्व ऑपरेटर Vanraj Steels के साथ कानूनी स्टैंडऑफ अभी सुलझा नहीं है, जिससे कंपनी की ऑपरेशनल स्टेबिलिटी पर सवालिया निशान लगा हुआ है।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.