Bigbloc Construction लिमिटेड वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए **₹148.71 करोड़** के संबंधित पक्ष लेनदेन (Related Party Transactions) करने की योजना बना रही है। कंपनी ने इसके लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। इस सौदे के बाद कंपनी पर कर्ज बढ़ने और ऋण सेवा कवरेज अनुपात (DSCR) घटने का अनुमान है।
Bigbloc Construction की ₹148.71 करोड़ के सौदों पर नजर
Bigbloc Construction लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹148.71 करोड़ के संबंधित पक्ष लेनदेन (Related Party Transactions - RPTs) को पूरा करने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी अपनी 11वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में इस प्रस्ताव पर चर्चा करेगी, जो 25 अगस्त 2026 को होनी है।
क्या हैं ये सौदे?
प्रस्तावित लेनदेन में कंपनी की सहायक कंपनियों, Bigbloc Building Elements Private Limited (BBEPL) और Siam Cement Big Bloc Construction Technologies Private Limited (SIAM) के साथ माल की खरीद-बिक्री, सेवाओं का आदान-प्रदान और गारंटी प्रदान करना शामिल है। इसमें BBEPL के लिए ₹115 करोड़ और SIAM के लिए ₹33.71 करोड़ के सौदे प्रस्तावित हैं।
क्यों बढ़ेगी चिंता?
ये प्रस्तावित सौदे ऐसे समय में आ रहे हैं जब कंपनी अपने वित्तीय प्रदर्शन को लेकर कुछ चुनौतियां देख रही है। प्रबंधन का अनुमान है कि कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) मौजूदा 1.02 से बढ़कर 1.74 हो जाएगा, जो कर्ज के बढ़ते बोझ का संकेत है। इसके साथ ही, डेट सर्विस कवरेज रेशियो (DSCR) 0.92 से घटकर 0.63 पर आ सकता है, जिसका मतलब है कि कंपनी की परिचालन आय से कर्ज चुकाने की क्षमता कम हो जाएगी।
सहायक कंपनियों की स्थिति
वित्तीय वर्ष 2025-26 में, BBEPL ने ₹188.23 करोड़ का टर्नओवर और ₹11.41 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। वहीं, SIAM सहायक कंपनी को ₹15.76 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था और उसका नेट वर्थ -₹1.10 करोड़ था, जो वित्तीय संकट की ओर इशारा करता है।
आगे क्या?
शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी इन सौदों को आगे बढ़ाएगी, जिससे कंपनी की वित्तीय प्रतिबद्धताएं और कर्ज का स्तर बढ़ सकता है। इसके साथ ही, डायरेक्टर मोहित नारायण साबू की ₹25.43 लाख के वार्षिक वेतन पर पुनः नियुक्ति का फैसला भी AGM में लिया जाएगा।
जोखिम और सतर्कता
निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी बढ़ते कर्ज को कैसे मैनेज करती है, खासकर जब DSCR में गिरावट का अनुमान है। SIAM सहायक कंपनी की कमजोर वित्तीय स्थिति भी एक प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई है, जिस पर प्रबंधन को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
